BMW इंडिया ने i5 लॉन्ग व्हीलबेस (LWB) को भारतीय बाजार में उतार दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 79.60 लाख रुपये रखी गई है, जो एक परिचयात्मक कीमत है। यह कार कई मायनों में BMW के लिए महत्वपूर्ण है — यह कंपनी की भारत में स्थानीय स्तर पर असेंबल होने वाली पहली इलेक्ट्रिक सेडान है।
चेन्नई प्लांट में असेंबली
i5 LWB का निर्माण BMW ग्रुप के चेन्नई प्लांट में किया जा रहा है। स्थानीय असेंबली का सीधा असर कीमत पर पड़ता है, क्योंकि पूरी तरह आयातित (CBU) वाहनों पर लगने वाला ऊंचा आयात शुल्क इससे बच जाता है। यही वजह है कि लंबे व्हीलबेस वाली एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेडान इस कीमत पर पेश की जा सकी।
पावरट्रेन और प्रदर्शन
कार eDrive35L M Sport स्पेसिफिकेशन में पेश की गई है। इसमें पीछे की ओर लगी इलेक्ट्रिक मोटर 268 हॉर्सपावर की ताकत और 410 न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करती है।
प्रदर्शन के आंकड़े इस प्रकार हैं:
• 0 से 100 किमी प्रति घंटा: 6.7 सेकंड
• अधिकतम गति: 195 किमी प्रति घंटा
• दावा की गई रेंज: 669 किलोमीटर तक (MIDC चक्र)
लॉन्ग व्हीलबेस का मतलब क्या
इस कार का व्हीलबेस 3,105 मिलीमीटर है। व्हीलबेस यानी आगे और पीछे के पहियों के केंद्र के बीच की दूरी — यह जितनी ज्यादा होगी, केबिन में उतनी ही ज्यादा जगह मिलती है, खासकर पिछली सीट पर।
यही इस कार की मुख्य पहचान है। लॉन्ग व्हीलबेस मॉडल आमतौर पर उन खरीदारों के लिए बनाए जाते हैं जो खुद ड्राइव करने के बजाय पीछे बैठना पसंद करते हैं। भारत के प्रीमियम सेडान बाजार में यह एक बड़ा वर्ग है।
आराम बढ़ाने के लिए कार में पीछे की ओर एयर सस्पेंशन भी दिया गया है, जो सड़क के गड्ढों का असर केबिन तक कम पहुंचने देता है।
फर्स्ट एडिशन के 99 यूनिट पहले ही बिके
BMW ने इसी कीमत पर एक सीमित ‘फर्स्ट एडिशन’ भी पेश किया था। कंपनी के अनुसार इसकी सभी 99 यूनिट आधिकारिक लॉन्च से पहले ही बिक चुकी थीं। यह इस श्रेणी में मांग का एक संकेत माना जा रहा है।
डिलीवरी कब से
कंपनी के अनुसार डिलीवरी तत्काल प्रभाव से शुरू हो रही है।
भारतीय इलेक्ट्रिक लक्जरी बाजार के लिए क्या मायने
भारत में प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेडान का बाजार अभी छोटा है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है। इस श्रेणी में सबसे बड़ी चिंता हमेशा रेंज और चार्जिंग नेटवर्क की रही है। 669 किलोमीटर की दावा की गई रेंज इस चिंता को काफी हद तक संबोधित करती है, हालांकि वास्तविक रेंज ड्राइविंग शैली, एसी के इस्तेमाल और सड़क की स्थिति पर निर्भर करती है।
स्थानीय असेंबली का दूसरा असर यह है कि अन्य लक्जरी ब्रांडों पर भी भारत में इलेक्ट्रिक मॉडल असेंबल करने का दबाव बढ़ेगा, क्योंकि आयातित मॉडल कीमत में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।
किसके लिए है यह कार
यह कार उन खरीदारों के लिए है जो पिछली सीट का आराम चाहते हैं, शहर के भीतर लंबी दूरी तय करते हैं, और जिनके पास घर या दफ्तर में चार्जिंग की सुविधा है। बिना घरेलू चार्जिंग के किसी भी इलेक्ट्रिक कार का अनुभव अधूरा रहता है — यह बात इस कीमत श्रेणी में भी उतनी ही लागू होती है।


