सरकार के वरिष्ठ सलाहकार ने पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों पर दिल्ली जैसी पाबंदियां अन्य क्षेत्रों में बढ़ने का संकेत दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में पारंपरिक ईंधन वाले कुछ वाहनों पर लागू या प्रस्तावित पाबंदियों जैसा मॉडल भविष्य में दूसरे शहरी क्षेत्रों में भी दिख सकता है। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने वाहन उद्योग से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्थानीय सप्लाई चेन की तैयारी तेज करने को कहा है।
अभी क्या तय है?
यह देशभर में तुरंत लागू होने वाला एक समान प्रतिबंध नहीं है। अलग-अलग शहरों की वायु गुणवत्ता, स्थानीय नीति और वाहन श्रेणी के आधार पर समयसीमा अलग हो सकती है। वाहन खरीदने वालों को अपने राज्य के परिवहन विभाग की अधिसूचना देखनी चाहिए।
ऑटो उद्योग के लिए संदेश
निर्माताओं पर इलेक्ट्रिक मॉडल, बैटरी आपूर्ति और महत्वपूर्ण कंपोनेंट का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने का दबाव बनेगा। पुराने वाहन मालिकों के लिए स्क्रैपेज, फिटनेस और री-सेल नियम ज्यादा अहम होंगे। किसी भी खरीद निर्णय से पहले आधिकारिक नीति दस्तावेज जांचना बेहतर है।
स्रोत: Financial Express
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