उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की उम्मीद है, लेकिन राजनीतिक तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए दोनों तरफ रणनीति बनने लगी है।
कांग्रेस की सीटों की मांग
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की तैयारी कर रही कांग्रेस 403 सदस्यीय विधानसभा में 115 से 120 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जा रही है।
पार्टी का तर्क यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने अल्पसंख्यक और दलित मतदाताओं को गठबंधन की ओर लाने में भूमिका निभाई, इसलिए यह संख्या उसका उचित हिस्सा है।
सीट बंटवारा किसी भी गठबंधन का सबसे कठिन चरण होता है, और अभी दोनों दलों के बीच इस पर सहमति नहीं बनी है।
भाजपा की रणनीति
भाजपा की तैयारी उन क्षेत्रों पर केंद्रित बताई जा रही है जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन आगे रहा था। यानी पार्टी अपनी कमजोर पड़ी जमीन पर विशेष ध्यान दे रही है।
यह रणनीति सामान्य चुनावी तर्क पर आधारित है — जहां पिछली बार पिछड़े, वहीं सबसे ज्यादा मेहनत। भाजपा एनडीए सहयोगियों — जैसे अपना दल (एस) और निषाद पार्टी — के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।
लोकसभा और विधानसभा का अंतर
यहां एक अहम बात समझने लायक है। लोकसभा चुनाव में किसी गठबंधन का किसी विधानसभा क्षेत्र में आगे रहना यह गारंटी नहीं देता कि विधानसभा चुनाव में भी वही नतीजा रहेगा।
दोनों चुनावों में मतदाता का व्यवहार अलग होता है। लोकसभा में राष्ट्रीय मुद्दे और नेतृत्व का सवाल हावी रहता है, जबकि विधानसभा में स्थानीय प्रत्याशी, क्षेत्रीय मुद्दे और जातीय समीकरण ज्यादा निर्णायक होते हैं।
यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में कई बार लोकसभा और विधानसभा के नतीजे अलग-अलग दिशा में गए हैं।
मुकाबले में कौन-कौन
2027 के मुकाबले में मुख्य दावेदार होंगे — सत्तारूढ़ भाजपा और उसके एनडीए सहयोगी, विपक्ष का नेतृत्व कर रही समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस।
बसपा की भूमिका इस चुनाव में विशेष रूप से देखने लायक होगी। वह अकेले लड़ती है या किसी गठबंधन का हिस्सा बनती है, इसका सीधा असर कई सीटों के गणित पर पड़ेगा।
आगे क्या देखें
अगले कुछ महीनों में तीन चीजें अहम रहेंगी — सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनती है या नहीं, बसपा की रणनीति क्या रहती है, और भाजपा अपने सहयोगियों को कितनी सीटें देती है।
चुनाव में अभी काफी समय है, इसलिए मौजूदा तैयारियां शुरुआती चरण की हैं। असली तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा के समय बनेगी।