शेयर बाजार में हर दिन कुछ कंपनियां किसी न किसी वजह से चर्चा में रहती हैं — कभी नतीजों के कारण, कभी किसी बड़े फैसले या सौदे के कारण। आज ऐसी ही कुछ कंपनियों पर बाजार की नजर रहने की उम्मीद है।
Shiprocket: पहली तिमाही में घाटा घटा
टेमासेक समर्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी Shiprocket ने अगस्त में हुए आईपीओ के बाद अपने पहले तिमाही नतीजे घोषित किए हैं।
कंपनी का समेकित घाटा घटकर 13.71 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 18.03 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार इस सुधार में उसके मुख्य शिपिंग कारोबार की भूमिका रही।
नई सूचीबद्ध कंपनियों के पहले नतीजे बाजार के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि उन्हीं से आईपीओ के समय किए गए दावों की पहली परख होती है।
Adani Power: ESG स्कोर में सुधार
थर्मल पावर उत्पादक कंपनी Adani Power ने NSE Sustainability के आकलन में अपने ESG (पर्यावरण, सामाजिक और अभिशासन) प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया है। कंपनी का स्कोर वित्त वर्ष 2026 के 65 से बढ़कर 66 हो गया है।
ESG रेटिंग का महत्व इसलिए बढ़ा है क्योंकि कई संस्थागत निवेशक अब निवेश के फैसलों में इन मानकों को शामिल करते हैं।
Swiggy: लॉजिस्टिक्स इकाई की बिक्री
फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy अपनी लॉजिस्टिक्स इकाई की बिक्री को लेकर चर्चा में है। ऐसे सौदे कंपनी के कारोबारी ढांचे में बदलाव का संकेत देते हैं और आमतौर पर निवेशकों का ध्यान खींचते हैं।
अन्य नाम
बाजार रिपोर्टों के अनुसार Neuland Laboratories, LIC, REC, Asian Paints, RBL Bank, Bank of Baroda और Mankind जैसी कंपनियां भी अलग-अलग वजहों से चर्चा में हैं। रक्षा क्षेत्र के शेयरों पर भी नजर रहेगी, क्योंकि हाल में 1.10 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी मिली है।
‘चर्चा में’ का मतलब क्या नहीं है
यहां एक जरूरी स्पष्टीकरण। किसी शेयर का खबरों में होना यह नहीं बताता कि उसमें निवेश करना चाहिए या नहीं।
‘स्टॉक्स इन न्यूज’ जैसी सूचियों का मकसद सिर्फ यह बताना होता है कि किन कंपनियों से जुड़ी कोई नई जानकारी सामने आई है, जिससे उस दिन उनके शेयरों में सामान्य से ज्यादा गतिविधि दिख सकती है। यह गतिविधि ऊपर की ओर भी हो सकती है और नीचे की ओर भी।
निवेश का फैसला कंपनी के मूल कारोबार, वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपने निवेश लक्ष्य के आधार पर लिया जाता है — किसी एक दिन की खबर के आधार पर नहीं।
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसमें किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
बाजार का माहौल
इस समय बाजार पर वैश्विक कारकों का दबाव है — महंगा कच्चा तेल और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख चिंताएं हैं। ऐसे माहौल में व्यक्तिगत कंपनियों की खबरों का असर भी सीमित रह सकता है, क्योंकि समग्र रुझान अक्सर हावी रहता है।


