Hnews · हिंदी समाचार8 सितम्बर 2026
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सोने का भाव आज: दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में क्या चल रहा है रेट

सोने की कीमतों में आज तेजी दर्ज की गई। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,200 रुपये चढ़कर करीब 1,55,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। जानिए कीमत कैसे तय होती है और खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें।

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सोने की कीमतों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में भाव ऊपर की ओर गए।

प्रमुख शहरों में आज का भाव

दिल्ली: 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,55,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जिसमें लगभग 1,200 रुपये की बढ़त दर्ज की गई।

मुंबई: 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 15,972 रुपये प्रति ग्राम के आसपास रहा।

ध्यान दें: सोने का भाव हर दिन बदलता है और शहर, सर्राफा बाजार तथा ज्वेलर के हिसाब से भी अलग-अलग होता है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय सर्राफा बाजार से मौजूदा भाव जरूर पुष्टि करें।

कीमत क्यों बढ़ रही है

सोने की कीमत मुख्य रूप से चार कारकों से तय होती है:

अंतरराष्ट्रीय भाव: सोना वैश्विक वस्तु है और इसकी कीमत मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय बाजार में तय होती है।

रुपये की चाल: भारत सोने का बड़ा आयातक है और भुगतान डॉलर में होता है। रुपया कमजोर होने पर आयातित सोना महंगा पड़ता है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता: दुनिया में तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर जाते हैं, और सोना पारंपरिक रूप से वही भूमिका निभाता है। मौजूदा दौर में पश्चिम एशिया की स्थिति इसका एक बड़ा कारण है।

त्योहारी और शादी की मांग: भारत में सितंबर के बाद त्योहारों और शादियों का मौसम शुरू होता है, जिससे घरेलू मांग बढ़ती है।

24, 22 और 18 कैरेट में अंतर

यह अंतर समझना खरीदारी के लिए जरूरी है।

24 कैरेट: 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना। यह बहुत नरम होता है, इसलिए इससे आमतौर पर आभूषण नहीं बनते। यह सिक्कों और बार के रूप में मिलता है।

22 कैरेट: लगभग 91.6 प्रतिशत सोना, बाकी अन्य धातुएं। आभूषणों के लिए सबसे प्रचलित।

18 कैरेट: 75 प्रतिशत सोना। हीरे जड़े और नाजुक डिजाइन वाले आभूषणों में इस्तेमाल होता है।

खरीदते समय क्या ध्यान रखें

हॉलमार्क देखें: भारत में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है। खरीदते समय HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर जरूर जांचें।

मेकिंग चार्ज समझें: आभूषण की अंतिम कीमत में सोने के भाव के अलावा मेकिंग चार्ज और जीएसटी जुड़ता है। मेकिंग चार्ज ज्वेलर के हिसाब से काफी अलग हो सकता है और इस पर मोल-भाव संभव होता है।

बिल जरूर लें: पक्का बिल न सिर्फ खरीद का प्रमाण है, बल्कि आगे बेचने या बदलने में भी काम आता है।

बायबैक नीति पूछें: हर ज्वेलर की वापस खरीदने की शर्तें अलग होती हैं। खरीद से पहले यह स्पष्ट कर लेना बाद की परेशानी बचाता है।

निवेश के लिए विकल्प

अगर मकसद निवेश है, आभूषण नहीं, तो सोने में निवेश के अन्य तरीके भी हैं — जैसे गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड। इनमें मेकिंग चार्ज और भंडारण की समस्या नहीं होती। हालांकि हर विकल्प के अपने कर नियम और शर्तें होती हैं।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और निवेश सलाह नहीं है।

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