एशियाई खेल 2026 के लिए भारत का दल तय हो गया है। खेल मंत्रालय ने 492 खिलाड़ियों के दल को मंजूरी दे दी है, जो जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों में हिस्सा लेगा।
दल की संरचना
492 खिलाड़ियों में 265 पुरुष और 227 महिलाएं शामिल हैं। यह अनुपात भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
भारतीय दल 35 खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा करेगा। अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ को मिलाकर कुल प्रतिनिधिमंडल 700 से अधिक सदस्यों का होने का अनुमान है।
किस खेल से कितने खिलाड़ी
सबसे बड़ा दल एथलेटिक्स का है, जिसमें 73 खिलाड़ी शामिल हैं। इसके बाद:
• हॉकी: 40 खिलाड़ी
• निशानेबाजी: 30 खिलाड़ी
• क्रिकेट: 30 खिलाड़ी
एथलेटिक्स का सबसे बड़ा दल होना स्वाभाविक है, क्योंकि इसमें पदकों की संख्या भी सबसे अधिक होती है।
कौन-कौन से बड़े नाम
दल में शामिल प्रमुख नामों में नीरज चोपड़ा, पीवी सिंधु, मनु भाकर, लवलीना बोरगोहेन, अमन सहरावत और मीराबाई चानू शामिल हैं।
ये वे खिलाड़ी हैं जो पिछले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत के लिए पदक जीत चुके हैं, इसलिए इनसे उम्मीदें स्वाभाविक रूप से अधिक रहेंगी।
एशियाई खेलों का महत्व
एशियाई खेल ओलंपिक के बाद भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बहु-खेल आयोजन हैं। इनका महत्व दो कारणों से है।
पहला, एशिया में कई ऐसे देश हैं जो कुछ खेलों में विश्व स्तर पर शीर्ष पर हैं — जैसे बैडमिंटन, निशानेबाजी, तीरंदाजी और कुश्ती। इसलिए यहां का पदक विश्व स्तर की कसौटी माना जाता है।
दूसरा, कई खेलों में एशियाई खेल आगामी ओलंपिक चक्र की तैयारी का महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं। यहां का प्रदर्शन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और तैयारी दोनों का आकलन देता है।
किन खेलों में पदक की उम्मीद
भारत के लिए पारंपरिक रूप से मजबूत क्षेत्र रहे हैं — एथलेटिक्स (विशेषकर भाला फेंक और दौड़), निशानेबाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, तीरंदाजी और हॉकी।
क्रिकेट का शामिल होना भारतीय दल के लिए अतिरिक्त पदक की संभावना पैदा करता है, क्योंकि एशिया में भारत इस खेल की शीर्ष टीमों में है।
आगे क्या
खेल 19 सितंबर से शुरू होंगे। उससे पहले खिलाड़ियों के अंतिम अभ्यास शिविर और चोट से जुड़ी स्थिति पर नजर रहेगी, क्योंकि बहु-खेल आयोजनों में अंतिम समय में हुए बदलाव अक्सर पदक तालिका पर असर डालते हैं। हम इन खेलों की विस्तृत कवरेज लेकर आते रहेंगे।

