Thursday, February 27, 2025
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10 साल में पहली बार बिना बाहरी दखल के बजट सत्र: पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज

बजट सत्र से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र 2025 की शुरुआत से पहले विपक्ष पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि पहली बार 10 सालों में संसद सत्र से पहले किसी बाहरी ताकत ने गड़बड़ी फैलाने की कोशिश नहीं की। शुक्रवार, 31 जनवरी को अपने पारंपरिक संबोधन में पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि हर सत्र से पहले जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जाती रही है।

“2014 के बाद यह शायद पहला ऐसा सत्र होगा जब संसद शुरू होने से पहले किसी बाहरी ताकत ने कोई उकसाने वाली हरकत नहीं की,” पीएम मोदी ने कहा।

उन्होंने इस पैटर्न पर भी ध्यान दिलाया कि हर अहम सत्र से पहले देश में अशांति भड़काने की कोशिशें की जाती रही हैं।

“मैंने पिछले 10 सालों में देखा है कि हर सत्र से पहले कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की तैयारी में जुट जाते हैं। यहां भी ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं जो इस तरह की साजिशों को हवा देते हैं,” उन्होंने आगे जोड़ा।

‘मिशन मोड’ में बढ़ रहा भारत

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत तेजी से ‘मिशन मोड’ में आगे बढ़ रहा है, जहां सरकार की रणनीति नवाचार (Innovation), समावेशन (Inclusion) और निवेश (Investment) पर केंद्रित है।

“हम पूरी ताकत से आगे बढ़ रहे हैं… नवाचार, समावेशन और निवेश हमारे आर्थिक विकास की मजबूत नींव बने हुए हैं,” उन्होंने संसद परिसर में अपने संबोधन के दौरान कहा।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि यह बजट सत्र ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरेगा

“मुझे पूरा विश्वास है कि यह सत्र हमें 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में नई प्रेरणा देगा,” पीएम मोदी ने कहा।

बजट सत्र 2025: अहम बातें और रिकॉर्ड

बजट सत्र 2025 की शुरुआत 31 जनवरी से होगी और यह दो चरणों में चलेगा, जो 4 अप्रैल को समाप्त होगा। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद ब्रेक रहेगा। फिर 10 मार्च से दूसरा चरण शुरू होगा, जो 4 अप्रैल को समाप्त होगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2025 पेश करेंगी। इस बजट के साथ वह लगातार आठवां बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। हालांकि, सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है, जिन्होंने अलग-अलग कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए—1959 से 1964 के बीच छह बार वित्त मंत्री के रूप में और 1967 से 1969 के बीच चार बार।

अब देश की नजर इस बजट पर टिकी है, जहां सरकार की आर्थिक नीतियां, वित्तीय रणनीतियां और भारत के विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तय होगा।

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