ऑस्ट्रेलिया की सिडनी में बॉडी बीच में दो बंदूकधारी आतंकवादियों ने हनुक्का त्योहार मनाने के लिए एकत्र हुए यहूदियों पर अचानक से गोलियों की वर्षा कर दी जिसमें 40 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं और 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मरने वालों में एक 10 साल की बच्ची और एक 87 साल के बुजुर्ग व्यक्ति भी हैं। 42 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है जिन में दो पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बाप बेटे ने 16 लोगों की हत्या
ऑस्ट्रेलिया में बॉडी बीच पर हनुकका त्योहार मनाने के लिए इकट्ठा हुए यहूदियों पर एक बाप बेटे की जोड़ी ने गोलियां चला दी जिसमें 15 लोगों की मृत्यु हो गई 30 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक 12 साल का बच्चा भी है।
एक निहत्थे व्यक्ति ने हमलाव को किया ढेर
जब एक बंदूक धारी गोली चला रहा था तभी एक निहत्थे व्यक्ति ने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसी की बंदूक से गोली चलाकर उसे मार दिया इतने पर भी वह हमलावर भागता रहा। जिस हमलावर को मारा गया है वह पिता है और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो चुका है। हमलावर को मारने वाले व्यक्ति का नाम अहमद अल अहमद है। उन्होंने बताया कि उस समय वह अपने परिवार का इंतजार कर रहे थे तभी उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई दी उन्होंने हमलावर को गोलियां चलाते हुए देखा तो पीछे से जाकर उसे पकड़ लिया और फिर उसकी बंदूक उसी के ऊपर तान दी।
पाकिस्तानी नागरिक हैं फायरिंग करने वाले हमलावर
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के बॉडी बीच पर जिन हमलावरों ने फायरिंग की वह पाकिस्तानी मूल के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह दोनों बाप बेटे हैं। वीडियो में जिस अंदाज में दोनों ने फायरिंग है वह दिखता है कि उन्होंने काफी लंबे समय से बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ली है। पिता का नाम साजिद अकरम बताया जा रहा है जो की 50 साल का था। बेटे का नाम नाविद अकरम है। दोनों नागरिक पाकिस्तानी नागरिक है और यह दोनों सिडनी में रह रहे थे। दोनों में से एक व्यक्ति पहले से ही सुरक्षा एजेंसी की नजरों में संदिग्ध था। यह निशाना मूल रूप से यहूदी लोगों पर किया गया था क्योंकि यहूदी लोग ही अपने त्योहार हनुक्का की शुरुआत का उत्सव मनाने के लिए यहां एकत्र हुए थे।
शिपिंग ट्रिप का कहकर घर से निकले थे दोनों पाकिस्तानी हमलावर
दोनों पाकिस्तानी हमलावर बाप और बेटे थे। बाप साजिद अकरम फलों की दुकान चलाता था। उनके साथ एक दूसरा साथी भी था जो की भीड़ में गायब हो गया। दोनों बाप बेटे ने अपने परिवार से वीकेंड पर फिशिंग ट्रिप पर जाने की बात की थी। साजिद की बीवी और नावीद की मां का कहना है कि मेरा बेटा एक अच्छा आदमी है वह किसी गलत संगत में नहीं था और न हीं कोई नशा करता है वह घर के कामों में हाथ बताता था और सीधा काम पर जाता था और वापस लौटता था।
कौन हैं साजिद, नवीद?
साजिद कुछ समय पहले ही पाकिस्तान से ऑस्ट्रेलिया आया था उसके बेटे नवीद ने ऑस्ट्रेलिया के इस्लामिक सेंटर से पढ़ाई की थी। विश्वसनीय सूत्रों का मानना है कि वह वहां किसी कट्टर पंथी नेटवर्क से जुड़ा होगा। यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह दोनों हमलावर किसी आतंकवादी संगठन से जुड़े हो सकते हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री का फूटा गुस्सा
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है जहां और देश के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने अफसोस जताया है वही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अफसोस के साथ-साथ गुस्सा भी जताया हैं उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को पहले ही चेतावनी दे दी गई थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया की सरकार यहूदियों के प्रति हिंसा को बढ़ावा देती रही। बेंच में नेतन्याहू का कहना है कि 3 महीने पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनकी नीति के विरोध में आग्रह किया था। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने पत्र में लिखा था कि आपकी नीति यहूदी विरोधी भावना की आग में तेल डाल रही है। बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलिया को अगस्त में पत्र लिखा था जब ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने की घोषणा की थी। उन्होंने टेलीविजन पर सार्वजनिक संबोधन में भी कहा था कि यहूदी विरोध एक ऐसा कैंसर है जो तब फैलता है जब नेता चुप रहते हैं और कोई कार्यवाही नहीं करते।
ईरान पर भी है संदेह
ईरान और इजरायल एक दूसरे के काफी बड़े शत्रु बनते जा रहे हैं ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि ईरान यहूदियों पर हमला करवा सकता है अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के राजदूत को अपने देश से वापस भी भेज दिया था। यह हमला यहूदियों पर उस समय किया गया जबकि उनके त्योहार मनाने के लिए वह इकट्ठा हुए थे। तो आशंका जताई जा रही है कि ईरान का हाथ इस हमले में हो सकता है लेकिन दूसरी तरफ ईरान ने इस घटना की निंदा की है।