Venezuela latest news इन दिनों पूरी दुनिया की नजरों में है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की आपात बैठक, अमेरिका की सैन्य कार्रवाई, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अंतरराष्ट्रीय कानून पर उठते सवाल—ये सभी घटनाएं मिलकर वैश्विक राजनीति में एक नए संकट की ओर इशारा कर रही हैं।
6 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई आपात बैठक ने यह साफ कर दिया कि वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और वैश्विक शक्ति संतुलन से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है।
UN Security Council की आपात बैठक: क्या हुआ?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार (5 जनवरी 2026) को एक आपात बैठक बुलाई, जब अमेरिका ने वेनेजुएला में एक साहसिक सैन्य ऑपरेशन चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया।
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि—
“इस सैन्य कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का सम्मान नहीं किया गया।”
उनके अनुसार, अमेरिका का यह कदम भविष्य में देशों के बीच संबंधों के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।
अमेरिका का पक्ष: “Surgical Law Enforcement Operation”
अमेरिका के UN में राजदूत माइक वाल्ट्ज ने सुरक्षा परिषद में अमेरिका का बचाव करते हुए इस कार्रवाई को एक—
“न्यायसंगत और सर्जिकल कानून प्रवर्तन अभियान”
बताया।
उन्होंने UN के 15 सदस्यीय परिषद पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र एक “नार्को-टेररिस्ट” नेता को लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति के बराबर मान्यता देता है, तो संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
Venezuela latest news के अनुसार, अमेरिका का दावा है कि मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क में नार्को-टेररिज्म साजिश के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
मादुरो की गिरफ्तारी: कैसे हुआ ऑपरेशन?
अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2026 की सुबह वेनेजुएला के एक सैन्य अड्डे पर स्थित मादुरो के आवास से उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया। इसके बाद दोनों को एक अमेरिकी युद्धपोत के जरिए अमेरिका लाया गया।
4 जनवरी को मादुरो ने न्यूयॉर्क की मैनहैटन कोर्ट में पहली बार पेशी दी, जहां उन्होंने खुद को अब भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: सहयोगी और विरोधी दोनों नाराज़
1️⃣ डेनमार्क की प्रतिक्रिया
डेनमार्क, जो NATO का सदस्य है और ग्रीनलैंड पर अधिकार रखता है, ने इस कार्रवाई की आलोचना की।
डेनमार्क की UN राजदूत क्रिस्टीना मार्कस लासेन ने कहा:
“सीमाओं की अक्षुण्णता पर कोई समझौता नहीं हो सकता।”
2️⃣ कोलंबिया का बयान
कोलंबिया के राजदूत लियोनोर ज़लाबाता ने इस कार्रवाई को—
“हमारे क्षेत्र में अतीत के सबसे बुरे हस्तक्षेपों की याद दिलाने वाला”
बताया।
उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र को हिंसा के जरिए न तो बचाया जा सकता है और न ही थोपा जा सकता है।
रूस का कड़ा विरोध
रूस ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून की खुली अवहेलना बताया।
रूसी राजदूत वसीली नेबेंजिया ने कहा:
“यह अमेरिका द्वारा कानूनविहीनता के युग में लौटने जैसा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका खुद को “सुप्रीम जज” समझने लगा है, जिसे किसी भी देश पर हमला करने, दोषी ठहराने और सजा देने का अधिकार है।
UN महासचिव की चेतावनी
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने साफ शब्दों में चेताया कि—
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अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी
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संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में सैन्य हस्तक्षेप
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जबरन राजनीतिक बदलाव
दुनिया को एक अस्थिर और खतरनाक भविष्य की ओर ले जा सकता है।
यह चेतावनी Venezuela latest news को और भी गंभीर बना देती है।
ट्रंप का आक्रामक रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि—
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वेनेजुएला के बाद
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कोलंबिया और मैक्सिको
जैसे देशों पर भी ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की बात दोहराई, जिसे लेकर पहले ही विवाद चल रहा है।
तेल, शक्ति और राजनीति: असली वजह क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि Venezuela latest news के पीछे सिर्फ ड्रग तस्करी नहीं, बल्कि—
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वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार
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अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा
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वैश्विक तेल बाजार पर नियंत्रण
जैसे कारण भी छिपे हुए हैं।
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका वेनेजुएला को अस्थायी रूप से चलाएगा और उसके तेल संसाधनों का इस्तेमाल करेगा।
अमेरिका की रणनीति: Oil Quarantine
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका—
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प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर पहले से लागू ऑयल क्वारंटीन
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का सख्ती से पालन करेगा
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और इसी दबाव के जरिए वेनेजुएला में नीतिगत बदलाव लाने की कोशिश करेगा।
अंतरराष्ट्रीय कानून पर बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं:
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क्या कोई देश दूसरे देश के राष्ट्रपति को पकड़ सकता है?
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क्या UN चार्टर ऐसे हस्तक्षेप की अनुमति देता है?
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क्या यह कार्रवाई भविष्य में अन्य शक्तिशाली देशों के लिए उदाहरण बनेगी?
Venezuela latest news अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था की परीक्षा बन चुकी है।
वैश्विक राजनीति पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना का असर—
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अमेरिका-रूस संबंधों
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लैटिन अमेरिका की राजनीति
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वैश्विक ऊर्जा बाजार
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संयुक्त राष्ट्र की साख
पर लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें इन बिंदुओं पर हैं:
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मादुरो के खिलाफ अमेरिकी अदालत का फैसला
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UN Security Council की अगली कार्रवाई
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वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता
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अमेरिका की आगे की सैन्य रणनीति
निष्कर्ष
Venezuela latest news ने यह साबित कर दिया है कि आज की दुनिया में सैन्य शक्ति, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। अमेरिका की कार्रवाई चाहे जितनी भी “सर्जिकल” बताई जाए, लेकिन इसके परिणाम वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक महसूस किए जाएंगे।
यह मामला आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा तय कर सकता है।