कैसा रहा जानी मानी केबल कंपनियों और केबल इंडस्ट्रीज के लिए उनका दूसरी तिमाही का व्यापार
केबल इंडस्ट्रीज की जाने-माने कंपनियों केईआई इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब, हैवेल्स इंडिया और आरआर केबल ने अपने तिमाही परिणामों की घोषणा की है। केबल इंडस्ट्रीज के शेयरों में आज गिरावट देखने को मिली है। फिनोलेक्स कंपनी के शेयरों में 5% की गिरावट देखी गई। हैवेल्स के शेयर आठ प्रतिशत नीचे रहे।आर आर केबल के शेयरों में 12% की मंदी देखी गई। केईआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड, पॉलीकैब लिमिटेड, हैवेल्स इंडिया लिमिटेड, आरआर केबल्स सभी के शेयरों में आज मंदी देखी गई।
अल्ट्राटेक सीमेंट बनाएगा अपनी नई पहचान वायर व केबल सेगमेंट में
अल्ट्राटेक सीमेंट सीमेंट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है और अब यह अपनी यही छाप वायर व केवल सेगमेंट में छोड़ना चाहता है ।अल्ट्राटेक सीमेंट ने घोषणा की है कि वह अगले 2 सालों में 1800 करोड रुपए की लागत से भरूच में केवल और वायर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाएगी। यह प्लान दिसंबर 2026 तक शुरू हो जाएगा।
आदित्य बिरला ग्रुप की अल्ट्राटेक सीमेंट लेगी केवल का वायर सेगमेंट में एंट्री
अल्ट्राटेक सीमेंट के बिरला ग्रुप की इंडस्ट्री केसोराम के अधिग्रहण के लिए शेयरों को 1 और 5 के अनुपात में स्प्लिट करने की घोषणा की है। अल्ट्राटेक सीमेंट का कहना है कि कंपनी 1800 करोड रुपए की लागत के साथ वायर और केवल सेगमेंट शुरू करेगी।
भरूच में शुरू होगा नया प्लांट
केसुरम इंडस्ट्री ट्यूब, टायर, पाइप, हेवी केमिकल्स, कागज की मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हुई थी अब अल्ट्राटेक सीमेंट केसुरम इंडस्ट्रीज के 52 शेयरों के बदले अपना एक शेयर जारी करेगी। अल्ट्राटेक आने वाले 2 सालों में 18 से करोड रुपए की लागत से गुजरात के भरूच में वायर व केबल प्लांट बनाएंगी।
केबल कंपनियों के शेयर क्यों जा रहे हैं घाटे में
केबल कंपनियों ने दी मार्जिन के मोर्चे पर कमी की सूचना इस समय कमोडिटी के मूल्य में अत्यधिक अस्थिरता रही जिसके कारण मार्जिन भी कम रहा।
कॉपर एलएमई की कीमतों में रहा उतार चढ़ाव
इस वर्ष कॉपर एलएमईक् की कीमतें घटती बढ़ती रही। कंपनियों ने इन घटती बढ़ती कॉपर की कीमतों की वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जिसके कारण कंपनियों को मुनाफा नहीं हो पाया।
विज्ञापनों के प्रचार-प्रसार में हुआ ज्यादा खर्च
दूसरी तिमाही में त्योहारी सीजन रहा जिसके कारण विज्ञापन और प्रचार-प्रसार में भी काफी खर्च हुआ। जिसके कारण भी कंपनियों को कम मुनाफा हो पाया।
क्या फर्क पड़ा राजस्व वृद्धि पर केईआई इंडस्टरीज ने इस वर्ष 17% की राजस्व वृद्धि दर्ज की। हैवेल्स इंडिया ने 16% की राजस्व वृद्धि दर्ज की।
पॉलिकैब लिमिटेड ने इस वर्ष 30% की वृद्धि दर्ज की।
तीनों कंपनियों में सबसे अधिक वृद्धि पॉलिकैब लिमिटेड ने दर्ज की जो की उम्मीद से अधिक थी। तीनों कंपनियों में राजस्व वृद्धि केबल्स और वायर सेगमेंट के द्वारा हुई। तीनों कंपनियां मुख्यतः केबल्स और वायर सेगमेंट में ही डील करती हैं। केबल कंपनियों को उम्मीद है कि अब मार्केट बढ़ेगा। तीनों कंपनियों में उम्मीद लगाई जा रही है कि ग्रामीण मांग में तेजी आयेगी।
केबल कंपनीयों के शेयर इस समय है काफी नीचे
- इस समय केईआई के शेयर 17% नीचे जा चुके हैं।
- हैवेल्स के शेयर अपने उच्चतम दर से 13% नीचे जा चुके हैं।
- पॉलीकैब के शेयर अपने उच्चतम स्तर से 9% नीचे आ चुके हैं।
- इस समय केईआई, पॉलीकैब और हैवेल्स के शेयर काफी नीचे जा चुके हैं।
केईआई और पॉलीकैब शेयर इस समय 42.2% की अर्निंग कर रहे हैं जो की 5 साल की एवरेज प्राइस से 28 गुना अधिक है। हैवेल्स अपने 5 साल के एवरेज से 61 गुना अधिक 2026 के लिए 43% की अर्निंग कर रही है। पॉलिकैब इस समय 57.1% पर अर्निंग कर रही है जो की 5 साल की एवरेज से 31.5 गुना अधिक है।