अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया बिल पास कर दिया है और अब अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है तो अमेरिका भारत पर 500% टैरिफ लगा सकता है। अमेरिका भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा चुका है जिसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में परेशानियां आई है और इस नए टैरिफ से यह परेशानियां और बढ़ सकती है अमेरिका के द्वारा की गई इस घोषणा से ही भारतीय शेयर बाजार को भारी गिरावट का सामना करना पड़ा है।आइए जानते हैं क्या है इस बिल का उद्देश्य
अमेरिका भारत पर लगा सकता है 500% अतिरिक्त टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर एक बार फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी कर ली है। अमेरिका भारत पर 500% अतिरिक्त टैरिफ लगाने वाला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके बाद अमेरिका अगले सप्ताह से भारत पर 500% तक टैरिफ लगा सकता है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बिल के विषय में बताया, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि अगले सप्ताह एक ऐसा बिल पेश किया जाएगा जिससे अमेरिका रूस को आर्थिक मदद करने वाले देशों पर 500% अतिरिक्त टैरिफ लगा देगा। यह बिल 4 जनवरी को पेश किया गया।
क्या है इस बिल में?
रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025 इस बिल का नाम रखा गया है इस बिल में रूस से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर व्यापक दंड लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। और यह दंड होगा 500% टैरिफ, उन देशों से 500 प्रतिशत अधिक टैरिफ वसूला जाएगा जो कि रूस के साथ यूरेनियम और पेट्रोलियम उत्पादों का व्यापार कर रहे हैं। अभी यह विधेयक पास नहीं हुआ है इसे अगले सप्ताह सीनेट में पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति के पास ही अधिकार होगा कि किस सीमा तक का टैरिफ लगाया जा सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लागू करेंगे और टैरिफ की सीमा भी सुनिश्चित करेंगे।
भारत पर 500% अधिक टैरिफ लगाने की घोषणा का असर पड़ा कल के शेयर बाजार पर
डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 500% अधिक टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद कल भारत का शेयर बाजार काफी नीचे गिरा। कल शेयर बाजार में सेंसेक्स में 780 अंकों की गिरावट देखी गई। लगभग हर क्षेत्र में कल गिरावट जारी रही। कल विदेशी निवेशकों के साथ-साथ भारतीय निवेशकों ने भी अधिकतर हर क्षेत्र में बिकवाली की। अगर अमेरिका भारत पर 500% अतिरिक्त टैरिफ लगा देता है तो वाहन और कलपुर्जे उद्योग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आभूषण और रत्न क्षेत्र पर भी 500% अधिक टैरिफ का असर पड़ने वाला है आभूषण और रत्न का 10 अरब डॉलर का कारोबार इस टैरिफ से प्रभावित होने वाला है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से आईटी, फार्मा, मेटल और टेक्सटाइल के क्षेत्र में गिरावट आने की संभावना है। विदेशी निवेशक अपना पैसा निकाल सकते हैं जिससे रुपया कमजोर हो सकता है।
हो सकता है वर्ल्ड ट्रेड वार
अमेरिका भारत के अलावा चीन और ब्राजील पर भी 500% अधिक टैरिफ लगाने की बात कर रहा है अगर ऐसा होता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड वॉर हो सकता है। सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि होगी। लोग सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाने के लिए मजबूर होंगे जिसके कारण सोना और चांदी और महंगे हो सकते हैं। निवेशक क्रिप्टोकरेंसी की तरफ अपना रुझान कर सकते हैं। आम आदमियों की नौकरी पर असर पड़ सकता है। रुपए के कमजोर होने से महंगाई बढ़ सकती है। पेट्रोल और डीजल के दामों में भी वृद्धि हो सकती है। जिसका असर मोबाइल से लेकर दवाइयों तक पर हो सकता है। अगर भारत पर 500% अधिक टैरिफ लगता है तो भारत के लिए अमेरिका को कुछ भी निर्यात करना असंभव हो जाएगा और भारत के रोजगार पर भी असर पड़ेगा।