तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में शनिवार सुबह एक सुरंग का हिस्सा ढहने के बाद वहां फंसे आठ लोगों को बचाने के लिए बचाव कार्य जारी है। घटना के चौथे दिन, कीचड़ और मलबे की मात्रा बढ़ने के कारण खुदाई कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
टनल हादसे में अब तक क्या हुआ?
तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग में अचानक आई दरार के कारण आठ मजदूर फंस गए थे। बचाव अभियान में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि टनल के अंदर गाद और मलबा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे खुदाई मुश्किल होती जा रही है।
बचाव कार्य में आ रही बाधाएँ
- मलबे की बढ़ती मात्रा – विशेषज्ञों के अनुसार, सुरंग में कीचड़ की दीवार अब लगभग एक मीटर तक बढ़ गई है, जिससे खुदाई के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
- पानी का रिसाव – हर मिनट करीब 3,200 लीटर पानी सुरंग में प्रवेश कर रहा है, जिससे मिट्टी और मलबे की मात्रा बढ़ रही है। हालांकि, पानी निकालने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
- संरचनात्मक स्थिरता की चिंता – यदि अधिक खुदाई की जाती है, तो सुरंग की स्थिरता को नुकसान हो सकता है, जिससे न केवल फंसे हुए मजदूरों बल्कि बचावकर्मियों की जान को भी खतरा हो सकता है।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल?
देश की नौ शीर्ष एजेंसियां बचाव कार्य में लगी हुई हैं, जिनमें भारतीय सेना, नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राष्ट्रीय भौगोलिक अनुसंधान संस्थान (NGRI) शामिल हैं। इसके अलावा, रैट माइनर्स (Rat Miners) की एक विशेष टीम को भी बुलाया गया है, जो पहले उत्तराखंड के सिल्कयारा सुरंग हादसे में बचाव कार्य का हिस्सा रह चुकी है।
फंसे हुए मजदूरों की पहचान
सुरंग में फंसे आठ लोगों की पहचान की गई है:
- झारखंड: संदीप साहू, जगता एक्सेस, संतोष साहू, अनुज साहू
- उत्तर प्रदेश: मनोज कुमार, श्री निवास
- जम्मू-कश्मीर: सनी सिंह
- पंजाब: गुरप्रीत सिंह
क्या बचाव कार्य सफल होगा?
तेलंगाना के मंत्री जुंपली कृष्णा राव ने सोमवार को कहा कि मजदूरों के जीवित होने की संभावना बहुत कम है, लेकिन सरकार और बचाव टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी व्यक्तिगत रूप से हर घंटे स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
निष्कर्ष
तेलंगाना टनल हादसा एक गंभीर आपदा है, जिसमें समय के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है। विशेषज्ञ और बचाव टीमें लगातार मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। इस घटना ने सुरंग निर्माण और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
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