एलएसजी के कप्तान से हुई बड़ी चूक
आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे क्रिकेटर और लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) के कप्तान ऋषभ पंत के लिए सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले ही मैच में, पंत बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए और फिर कप्तानी में भी कुछ विवादास्पद फैसले किए, जिससे उनकी टीम को 209 रनों के लक्ष्य का बचाव करने में कठिनाई हुई। अंततः एलएसजी ने यह मैच गंवा दिया, जबकि अधिकांश समय तक वे मुकाबले में बने हुए थे। मैच के बाद, पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान पंत ने डीसी के नायक विप्रज निगम का नाम तक याद नहीं रखा और उन्हें ‘वो दूसरा खिलाड़ी’ कहकर संबोधित किया।
विप्रज निगम की शानदार पारी ने पलटा मैच
दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) की स्थिति बेहद खराब थी। 12.3 ओवर में 113/6 के स्कोर पर संघर्ष कर रही टीम को जीत के लिए 45 गेंदों में 97 रन की दरकार थी। ऐसे में, नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने आए युवा खिलाड़ी विप्रज निगम ने 15 गेंदों में 39 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मुकाबले का रुख बदल दिया। उन्होंने अशुतोष शर्मा के साथ साझेदारी कर डीसी को मैच में वापस ला दिया।
अंत में, अशुतोष शर्मा 31 गेंदों में 66 रन बनाकर नाबाद रहे और उन्होंने अपनी टीम को 3 गेंद शेष रहते 1 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। लेकिन, पंत को जब हार के कारणों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने डीसी की साझेदारियों को तो सराहा, लेकिन विप्रज निगम का नाम याद नहीं रख सके। उन्होंने कहा, “हमने जल्दी विकेट चटकाए, लेकिन हमें पता था कि यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच है। हमें लगातार बुनियादी चीजें सही करनी थीं। उन्होंने कुछ अच्छी साझेदारियाँ कीं। एक स्टब्स और अशुतोष के बीच, और दूसरी उस दूसरे खिलाड़ी (विप्रज निगम) के साथ। मुझे लगता है कि उन्होंने शानदार काम किया और हमसे मैच छीन लिया।”
ऋषभ पंत की भूल के पीछे की वजह?
पंत को दोष नहीं दिया जा सकता कि उन्हें विप्रज निगम का नाम याद नहीं रहा। 20 वर्षीय यह युवा खिलाड़ी हाल ही में यूपी टी20 लीग में अपने प्रदर्शन से सुर्खियों में आए थे। इसके दम पर उन्हें उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम में तीनों फॉर्मेट में खेलने का मौका मिला और फिर आईपीएल ऑक्शन में एलएसजी ने उन्हें खरीदा।
आईपीएल में उनका प्रवेश एक लेग-स्पिनर के रूप में हुआ था। उन्होंने मैच में एडेन मार्कराम का विकेट चटकाया और निकोलस पूरन को भी आउट करने का मौका बनाया, लेकिन कैच छूट गया। हालांकि, विप्रज की असली क्षमता तब सामने आई जब उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। दिल्ली कैपिटल्स के मेंटर केविन पीटरसन ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि जब तक अशुतोष शर्मा और विप्रज निगम डगआउट में हैं, डीसी की जीत की संभावना बनी हुई है।
विप्रज और अशुतोष ने मिलकर किया कमाल
केविन पीटरसन की बात सही साबित हुई। अशुतोष ने 5 चौकों और 5 छक्कों की पारी खेली, जबकि विप्रज ने 5 चौके और 2 छक्के जड़े। खास बात यह रही कि अशुतोष ने अपनी पारी की शुरुआत धीमी की थी और एक समय वे 20 गेंदों में 20 रन पर थे। ऐसे में, विप्रज ने आक्रामक रवैया अपनाया और एलएसजी के गेंदबाजों पर दबाव बनाया, जिससे रनगति काबू में रही।
पंत की कप्तानी पर सवाल
ऋषभ पंत के लिए यह मुकाबला कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा। न केवल उनकी बल्लेबाजी निराशाजनक रही, बल्कि कप्तानी में भी कई फैसले सवालों के घेरे में रहे। डीसी के खिलाफ दबदबा बनाए रखने के बावजूद, एलएसजी का मैच हारना और फिर पंत द्वारा मैच विनर विप्रज निगम का नाम भूल जाना, यह दोनों ही बातें क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चर्चा का विषय बन गईं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मुकाबलों में पंत अपनी कप्तानी और प्रदर्शन में सुधार कर पाते हैं या नहीं। दूसरी ओर, विप्रज निगम जैसे युवा खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि आईपीएल नई प्रतिभाओं को निखारने का सबसे बड़ा मंच बना हुआ है।