रमज़ान 2025 के मार्च 1 से शुरू होने की उम्मीद है, जो 28 फरवरी को चांद देखने पर निर्भर करेगा। सऊदी अरब, यूएई, भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों में इस्लामिक समुदाय चांद दिखने के आधार पर इसकी शुरुआत की घोषणा करेंगे। यह संभव है कि रमज़ान की शुरुआत वैश्विक रूप से एक ही दिन हो या कुछ स्थानों पर मामूली अंतर देखा जाए।
रमज़ान में चांद देखने का महत्व
इस्लामिक कैलेंडर चंद्र प्रणाली पर आधारित होता है, और प्रत्येक महीना नए चांद के दिखने के बाद शुरू होता है। इस कारण रमज़ान हर वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार लगभग दस दिन पहले आता है। चांद देखने की परंपरा न केवल धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत तय करती है बल्कि यह इस्लामिक समुदाय की धार्मिक आस्था को भी प्रकट करती है।
सऊदी अरब में रमज़ान 2025
सऊदी अरब में सुप्रीम कोर्ट ने 28 फरवरी 2025 की शाम को चांद देखने का आह्वान किया है, जो 29 शाबान 1446 हिजरी को पड़ता है। यदि चांद नजर आता है, तो रमज़ान 1 मार्च 2025 को शुरू होगा, अन्यथा इसका आगाज़ 2 मार्च 2025 से होगा।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रमज़ान 2025
यूएई में भी मुसलमान 28 फरवरी 2025 को चांद देखने की कोशिश करेंगे। अबू धाबी स्थित इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर का अनुमान है कि पश्चिम एशिया, अफ्रीका के अधिकांश भाग और दक्षिणी यूरोप में चांद दूरबीन के माध्यम से देखा जा सकता है। यदि चांद नजर आता है, तो रोज़े 1 मार्च 2025 से प्रारंभ होंगे, अन्यथा 2 मार्च से।
भारत में रमज़ान 2025
भारत में चांद देखने की संभावना 1 मार्च 2025 की शाम को होगी। यदि चांद नजर आता है, तो रमज़ान का पहला रोज़ा 2 मार्च से रखा जाएगा। इसकी आधिकारिक घोषणा स्थानीय चांद देखने वाली समितियाँ और इस्लामिक विद्वान करेंगे।
पाकिस्तान में रमज़ान 2025
पाकिस्तान में भी चांद देखने की प्रक्रिया भारत जैसी ही होती है। 1 मार्च 2025 को चांद दिखने की उम्मीद की जा रही है। यदि चांद नजर आता है, तो रमज़ान 2 मार्च से शुरू होगा। पाकिस्तान की रूएत-ए-हिलाल कमेटी आधिकारिक रूप से रमज़ान के आगाज़ की पुष्टि करेगी।
विश्व स्तर पर रमज़ान का पालन
रमज़ान की शुरुआत विभिन्न देशों में चांद दिखने के कारण अलग-अलग दिनों में हो सकती है। 2025 में इंडोनेशिया, मलेशिया, तुर्की और मिस्र जैसे देशों में रमज़ान के 1 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में स्थानीय चांद देखने की परंपरा के कारण यह 1 या 2 मार्च को शुरू हो सकता है।
रमज़ान में धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाएँ
रमज़ान में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, इस दौरान भोजन, पानी और अन्य शारीरिक आवश्यकताओं से परहेज किया जाता है। सुबह का भोजन ‘सहरी’ कहलाता है और शाम को रोज़ा खोलने का भोजन ‘इफ्तार’ कहलाता है। इस महीने में नमाज, कुरान का पाठ और दान-पुण्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रमज़ान के अंत में ‘ईद-उल-फितर’ मनाई जाती है, जो 30 या 31 मार्च 2025 को हो सकती है, यह चांद देखने पर निर्भर करेगा।
रोज़े के घंटे और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव
रोज़े की अवधि भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करती है। भूमध्य रेखा के पास स्थित देशों में उपवास के घंटे लगभग समान रहते हैं, जबकि उत्तर या दक्षिणी गोलार्ध में रहने वाले मुसलमानों को अलग-अलग समय की लंबाई के अनुसार रोज़ा रखना पड़ता है। 2025 में उत्तर अमेरिका और यूरोप के मुसलमानों को 15-18 घंटे तक रोज़ा रखना पड़ सकता है, जबकि मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में यह अवधि 13-15 घंटे की हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोज़े के दौरान हाइड्रेटेड रहने, संतुलित भोजन लेने और भरपूर नींद लेने की सलाह देते हैं। सहरी और इफ्तार में पोषणयुक्त भोजन, कम तली-भुनी चीज़ें और प्रोटीन से भरपूर आहार लेना उपयुक्त माना जाता है।
निष्कर्ष
रमज़ान 2025 के 1 मार्च से शुरू होने की संभावना है, लेकिन इसकी पुष्टि 28 फरवरी को चांद दिखने के आधार पर होगी। यह महीना इस्लाम में आध्यात्मिकता, आत्म-संयम और समुदाय की भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। चूंकि इसकी वास्तविक तिथि स्थानीय चांद देखने पर निर्भर करती है, इसलिए लोगों को अपने क्षेत्र के इस्लामिक संगठनों से अद्यतन जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।