Mohanlal Mother का निधन: 90 वर्ष की उम्र में संथाकुमारी का कोच्चि में देहांत, भावुक हुए मोहनलाल

mohanlal mother को लेकर एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल की मां संथाकुमारी का मंगलवार को कोच्चि स्थित पारिवारिक आवास पर निधन हो गया। वह 90 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से न सिर्फ मोहनलाल का परिवार बल्कि पूरा फिल्म जगत शोक में डूब गया है।

संथाकुमारी के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। प्रशंसकों से लेकर फिल्मी सितारों तक, सभी ने मोहनलाल और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

Mohanlal Mother Santhakumari: एक सशक्त मां, जिसने एक सुपरस्टार को गढ़ा

mohanlal mother संथाकुमारी मूल रूप से केरल के पथानामथिट्टा जिले के एलंथूर की रहने वाली थीं। उन्होंने अपना अधिकांश जीवन तिरुवनंतपुरम में बिताया, जहां उनके पति विश्वनाथन नायर केरल सरकार में कानून सचिव के पद पर कार्यरत थे।

विश्वनाथन नायर के निधन के बाद भी संथाकुमारी ने परिवार को मजबूती से संभाले रखा। वे एक पारंपरिक, संस्कारवान और बेहद संवेदनशील महिला थीं, जिनके व्यक्तित्व का असर मोहनलाल के जीवन और सोच पर साफ दिखाई देता है।

लंबी बीमारी से जूझ रहीं थीं Mohanlal Mother

पिछले कुछ वर्षों से mohanlal mother की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। उन्हें स्ट्रोक आया था, जिसके बाद वे बिस्तर पर ही रहने लगी थीं। इसी वजह से मोहनलाल उन्हें तिरुवनंतपुरम से कोच्चि अपने पास ले आए थे, ताकि वे उनकी देखभाल स्वयं कर सकें।

कोच्चि के एलमक्कारा स्थित घर में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, अंतिम समय में मोहनलाल उनके पास मौजूद थे।

90वां जन्मदिन: आखिरी बड़ा पारिवारिक जश्न

संथाकुमारी ने 10 अगस्त 2025 को अपना 90वां जन्मदिन मनाया था। यह जन्मदिन कोच्चि में परिवार के साथ सादगी और भावनात्मक माहौल में मनाया गया।

इस अवसर पर मोहनलाल बेहद खुश नजर आए थे और उन्होंने अपनी मां के साथ समय बिताया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी जन्मदिन होगा।

Mohanlal और उनकी मां का खास रिश्ता

mohanlal mother के साथ अभिनेता का रिश्ता बेहद गहरा और भावनात्मक था। मोहनलाल कई बार इंटरव्यू में अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान को खुलकर व्यक्त कर चुके हैं।

जब उन्हें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, तब कोच्चि लौटते ही सबसे पहले वे अपनी मां से मिलने गए थे। उनके लिए यह उपलब्धि तब तक अधूरी थी, जब तक वे अपनी मां के चरण स्पर्श न कर लें।

मदर्स डे पर भावुक पोस्ट

इस साल मदर्स डे के मौके पर मोहनलाल ने अपनी मां के साथ एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। तस्वीर के साथ उन्होंने एक भावुक संदेश लिखा था, जिसने लाखों दिलों को छू लिया।

यह पोस्ट आज भी उनके फैंस के लिए एक यादगार पल बन चुकी है।

लॉकडाउन में मां से दूर रहने का दर्द

2020 के लॉकडाउन के दौरान मोहनलाल अपनी मां से दूर थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था:

“मैं दुखी हूं कि मैं अपनी मां के पास नहीं हूं। हम रोज वीडियो कॉल पर बात करते हैं। कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं।”

इस बयान से साफ झलकता है कि mohanlal mother उनके जीवन में कितनी अहम भूमिका निभाती थीं।

पिता की बीमारी में मां का त्याग

मोहनलाल ने एक बातचीत में बताया था कि कैसे उनकी मां ने उनके पिता का उस समय साथ दिया, जब वे अपनी याददाश्त खो चुके थे। वे हर सार्वजनिक कार्यक्रम में उनका हाथ थामे रहती थीं, उन्हें खाना खिलाती थीं और कभी शिकायत नहीं करती थीं।

मोहनलाल ने कहा था कि दूसरों की मदद करने की भावना उन्होंने अपनी मां से ही सीखी है।

बड़े बेटे प्‍यारेलाल का निधन

संथाकुमारी के जीवन में एक बड़ा दुख उस समय आया था जब उनके बड़े बेटे प्यारेलाल का वर्ष 2000 में निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने परिवार को एकजुट रखा और मोहनलाल के लिए भावनात्मक सहारा बनी रहीं।

फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

mohanlal mother के निधन के बाद मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। कई बड़े कलाकारों, निर्देशकों और राजनीतिक हस्तियों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

फैंस भी लगातार मोहनलाल के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।

Vrusshabha की रिलीज के बाद आई दुखद खबर

दिलचस्प बात यह है कि संथाकुमारी का निधन मोहनलाल की फिल्म Vrusshabha की रिलीज के कुछ ही दिनों बाद हुआ, जो 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में आई थी।

यह समय मोहनलाल के लिए पेशेवर और निजी दोनों स्तरों पर बेहद भावनात्मक रहा।

Mohanlal Mother: एक युग का अंत

संथाकुमारी सिर्फ एक सुपरस्टार की मां नहीं थीं, बल्कि वे उन मूल्यों की प्रतीक थीं, जिन्होंने मोहनलाल को वह इंसान बनाया, जिसे आज दुनिया सम्मान देती है।

उनका जीवन सादगी, त्याग, धैर्य और पारिवारिक मूल्यों से भरा हुआ था।

अंतिम विदाई और संस्कार

परिवार की ओर से जानकारी दी गई है कि mohanlal mother संथाकुमारी का अंतिम संस्कार कोच्चि में पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए करीबी रिश्तेदार और शुभचिंतक मौजूद रहेंगे।

निष्कर्ष

mohanlal mother का निधन सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी यह एक भावनात्मक क्षण है। एक ऐसी मां, जिसने अपने संस्कारों से एक महान कलाकार को जन्म दिया, आज हमारे बीच नहीं रहीं।

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और मोहनलाल व उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दे।

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