कल 7 सितंबर रविवार को पड़ेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

कल 7 सितंबर रविवार को पड़ेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

कल 7 सितंबर रविवार को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आने वाला है हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण की विशेष मानता है लिए जाने क्या होगा सूतक का समय क्या करना है और क्या नहीं करना

कल 7 सितंबर रविवार को पड़ेगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण

कल रविवार 7 सितंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पड़ने वाला है यह रात 9:58 को शुरू होगा। चंद्र ग्रहण का समापन दे रात 1:26 पर होगा। जयपुर चंद्र ग्रहण होगा और भारत में भी दिखेगा इसलिए भारत में भी सूतक मान्य होगा। 

कल 7 सितंबर रविवार को क्या होगा सूतक का समय?

कल 7 सितंबर रविवार को सूतक का समय दोपहर 12:35 से शुरू होगा सूतक 8 सितंबर की रात 1:26 तक चलेगा। 7 सितंबर को सूतक 9 घंटे पहले लग जाएगा। इस बार चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा।

क्या होता है सूतक काल ?

सूतक काल वह समय होता है जिस समय चंद्र ग्रहण पढ़ना शुरू ही होता है या यह कहिए कि सूतक काल चंद्र ग्रहण से पहले का समय होता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण राहु और केतु के कारण चंद्र ग्रहण लगता है चंद्र ग्रहण वह अशुभ समय होता है जिसमें कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता।

शनिवार को ही तोड़ लें तुलसी दल

सूतक काल से पहले अपने खाने-पीने की सामग्री में तुलसी डाल डाल दें। इस बार इस बार चंद्र ग्रहण रविवार को पढ़ रहा है रविवार को तुलसी दल तोड़ना वर्जित होता है इसलिए शनिवार को ही तुलसी दल तोड़कर रख ले और अपनी सभी भोजन सामग्री में डाल दें।

सूतक काल में क्या नहीं किया जाता 

  • सूतक काल में व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए सोना वर्जित होता है। 
  • इस समय शुभ काम वर्जित होते हैं स्नान पूजा पाठ और दान भी नहीं किए जाते। 
  • सूतक काल में मंदिरों के कपाट भी बंद होते हैं वहां पर भी भगवान की पूजा अर्चना नहीं होती।

सूतक काल में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान

सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को कुछ काटना नहीं चाहिए वस्तुएं सी चाकू, कैंची का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं कोशिश करें कि नाम जप करती रहे। एक जगह लगातार देर तक ना बैठे और कोशिश करें कि सोए ना। वैसे तो सूतक काल में कुछ खाया पिया भी नहीं जाता लेकिन इस बार का चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लग जाएगा और इसका समापन 1:20 पर होगा ऐसे में इतनी देर भूखा रहना तो एक गर्भवती महिला के लिए संभव नहीं होगा। तो कोशिश करें कि जब चंद्र ग्रहण लग जाए तब तो कुछ भी ना खाएं उससे पहले भी तुलसी दल डालकर ही कुछ भी खाए पिए। गर्भवती महिलाएं गोपाल रक्षा मंत्र या संतान रक्षा मंत्र का जाप सूतक काल में करती रहें।

सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए ?

सूतक काल में सोना खाना पीना वर्जित होता है लेकिन बच्चे गुर्जर का बीमार व्यक्ति इस नियम का पालन न भी करें तो भी ईश्वर उन्हें क्षमा करेंगे। नाम जप लेकिन अवश्य करें।

 सूतक काल में क्या करना चाहिए ?

सूतक काल में भगवान का नाम जप करना चाहिए कहां जाता है कि सूतक काल में नाम जप करने से वह सिद्ध हो जाता है।

सूतक काल की समाप्ति पर क्या करें? 

सूतक काल की समाप्ति के बाद सबसे पहले स्नान करें उसके बाद अपने घरों मंदिर के साफ सफाई करें। भगवान की पूजा कर उनको भूख अर्पण करें। स्नान की बात कुछ रुपए अन्य आदि दान अवश्य करें।

कैसे करें स्पिरिचुअल बाथ या हीलिंग बाथ?

ग्रहण के बाद भी नकारात्मकता आपके आसपास रहती ही है इसलिए सबसे पहले स्नान करना आवश्यक होता है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि यह आपके अंदर से सकारात्मक महसूस कारण तो आपको अपने स्नान की प्रक्रिया को बदलने की आवश्यकता होगी। सबसे पहले एक तब लेकर उसमें गंगाजल डालें फिर उसे पानी से भर ले। इस पानी में आप रॉक साल्ट सेंधा नमक या जो भी आपके पास आसानी से अवेलेबल हो वह डाल सकते हैं। अब यह पानी नहीं गंगाजल हो गया है अब आप इसमें कोई भी एसेंशियल ऑयल डाल सकते हैं गुलाब जल डाल सकते हैं और साथ ही गुलाब के कुछ पंखुड़ियां डाल सकते हैं और कुछ क्रिस्टल और हीलिंग स्टोन डाल सकते हैं अगर हीलिंग स्टोन या पिस्टल नहीं है तो आप ऐसे चिकने पत्थर डाल सकते हैं जिन्हें हाथ में छूकर आपको सकारात्मक महसूस हो। ये आपको अपने घर के आसपास ही मिट्टी में मिल जाएंगे। अपने बाथिंग एरिया में नहाते समय किसी भी स्पिरिचुअल म्यूजिक को सुनें। फ्रेगनेंस वाली कैंडल जलाएं।

 

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