अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास हुए आतंकी हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अब एक नया आदेश पारित कर दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है की 19 देश के ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा जांच होगी।
अमेरिका ने व्हाइट हाउस के पास हुए आतंकी हमले के बाद 19 देश के ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा जांच का क्यों दिया आदेश ?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी के बाद 19 देश के ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा जांच का आदेश दे दिया है ऐसा उन्होंने इसलिए किया है क्योंकि अमेरिका में व्हाइट हाउस पर गोली जिस व्यक्ति ने चलाई थी वो एक अफगानी नागरिक था। आतंकवादी का नाम रहमतुल्लाह लखवाल है। आतंकवादी ने पहले महिला बॉडीगार्ड के सर पर और फिर सीने में गोली मारी। आतंकवादी से पूछताछ जारी है। अभी हमले के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने किन 19 देश के ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा जांच के दिए आदेश
डोनाल्ड ट्रंप दे अमेरिका में रहने वाले 19 देश के ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं यह वो देश है जिन्हें अमेरिकी सरकार कंट्रीज ऑफ कॉन्शस की लिस्ट में शामिल कर चुकी है। इन देशों में अफगानिस्तान में म्यांमार भी शामिल है। अफगानिस्तान को तालिबान के शासन के कारण और म्यांमार को सेना के शासन के कारण इस लिस्ट में शामिल किया गया था।
कौन है 19 देश जिनके ग्रीन कार्ड होल्डर की दोबारा होगी जांच
- अफगानिस्तान
- वर्मा म्यांमार
- चाड
- कांगो गणराज्य
- इक्वेटोरियल गिनी
- एरिट्रिया
- हैती
- ईरान
- सोमालिया
- लीबिया
- सूडान
- बुरुंडी
- क्यूबा
- लाओस
- सिएरा लियोन
- टोगो
- तुर्कमेनिस्तान
- यमन
- वेनेजुएला
व्हाइट हाउस पर हमले की बात डोनाल्ड ट्रंप ने देश को किया संबोधित
व्हाइट हाउस पर हमले के बाद अमेरिका को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा यह घिनौना हमला बुराई, नफरत और आतंक का काम था। यह देश और इंसानियत के खिलाफ एक जुर्म था। हिरासत में लिया गया संदिग्ध व्यक्ति अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है। जो धरती पर एक नरक है।
कब हुआ अमेरिका के व्हाइट हाउस पर हमला
यह हमला तब हुआ जब नेशनल गॉर्ड्स अपनी सिक्योरिटी पर तैनात थे नेशनल गार्डों को अंतरिक्ष सुरक्षा के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अंतर्गत इसी साल अगस्त में किया गया है। अमेरिकी सशस्त्र बल रिजर्व का यह हिस्सा है जो कि आपदा राहत और आंतरिक सुरक्षा की दिशा में कार्य करते हैं। यह आतंकवादी 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था 2024 में उसने शरणार्थी के लिए आवेदन किया था। 2025 में उसके आवेदन को स्वीकृति मिली थी। अमेरिका आने से पहले 10 साल तक वह अफगान सेना में शामिल था।
इस हमले के तुरंत बाद लगाई गई अफगान नागरिकों के इमिग्रेशन पर रोक
व्हाइट हाउस में हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने अफगान नागरिकों के इमिग्रेशन पर तत्काल रोक लगा दी प्रशासन का कहना है यह गंभीर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि बाइडेन प्रशासन ने दुनिया भर से 2 करोड़ अज्ञात और बिना जांच पड़ताल वाले लोगों को देश में आने दिया। अमेरिकी प्रशासन ने अफगान नागरिकों से जुड़े सभी इमीग्रेशन प्रक्रियाओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया था प्रशासन का कहना है की सुरक्षा वेटिंग प्रोटोकॉल की दोबारा से समीक्षा की जाएगी। अमेरिकी प्रशासन का फोकस अमेरिका और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा पर है।
डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अब दोबारा हर व्यक्ति की जांच होगी
डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है की अब हर व्यक्ति के दोबारा जांच होगी और ऐसे सभी विदेशी नागरिकों को देश से हटाया जाएगा जो कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है जो अमेरिका के लिए लाभकारी नहीं है या हमारे देश से प्यार नहीं करते। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अमेरिका आतंक के सामने नहीं झुकेगा।
इमीग्रेशन सर्विसेज के निदेशक ने लिखा अपनी पोस्ट पर
इमीग्रेशन सर्विसेज के निदेशक ने अपनी सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर मैं सभी संबंधित देशों से आने वाले एलियंस के ग्रीन कार्ड की सघन जांच के निर्देश देता हूं। अमेरिका और अमेरिका के लोगों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। अमेरिकी लोग पूर्व की सरकार की बेकार पुनर्वास नीति की कीमत नहीं चुकाएंगे। अमेरिकी लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।