जोहर ममदानी अभी हाल ही में न्यूयॉर्क के मेयर बने हैं उनके मेयर बनते ही उनके द्वारा लिखी एक चिट्ठी ने देश-विदेश की मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है इस चिट्ठी में जोहर ममदानी ने उमर खालिद को समर्थन देने की बात की है। उमर खालिद को जमानत देने के लिए जोहर ममदानी के साथ आठ अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखा है। भारतीय जनता पार्टी ने जोहर ममदानी और अमेरिकी सांसदों की आलोचना करते हुए कहा की भी देश दोषियों के समर्थन में सामने आते हैं लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं के मंदिरों पर हमले होते हैं तो वह चुप रहते हैं बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी अमेरिकी संसद चुप है।
जोहर ममदानी ने कब लिखी थी उमर खालिद को एक चिट्ठी
जब उमर खालिद जेल में था तब मोहम्मद जामदानी ने उसे चिट्ठी लिखते हुए कहा हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं। प्रिया उमर मै अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिसमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात की थी आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं।
आठ अमेरिकी सांसदों ने जोहर ममदानी के साथ मिलकर अमेरिका में भारतीय राजदूत को उमर खालिद के जमानत के लिए लिखा पत्र
जोहर ममदानी के साथ मिलकर आठ अमेरिकी सांसदों के समूह ने भारतीय राजदूत को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने खालिद के लिए जमानत की मांग की और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार निष्पक्ष और समय बाद सनी सुनिश्चित करने की भी मांग की आठ अमेरिकी सांसदों के समूह में अमेरिकी नेता जिम मेंकगवर्न और जेमी रस्किन शामिल हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने जोहर ममदानी की की कड़ी आलोचना
जोहर ममदानी के द्वारा लिखी चिट्ठी की और अमेरिका स्थित भारतीय राजदूत को उमर खालिद के लिए जमानत के लिए चिट्ठी लिखने पर विश्व हिंदू परिषद ने भी न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर की तीखी आलोचना की है। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा जोहर ममदानी भारत विरोधी बात करने वालों का साथ देकर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं उन्होंने उन आठ अमेरिकी सांसदों की भी आलोचना की जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर उमर खालिद की जमानत की याचिका दायर की है विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ऐसे लोग दूसरों के समर्थन में सामने आते हैं लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं पर उनके मंदिरों पर हमला होता है तो वह चुप रहते हैं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर भी ऐसे लोग चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान में हिंदुओं का उत्पीड़न होता है अमेरिकी कानून निर्माता चुप्पी साथ लेते हैं
विनोद बंसल ने कहा हम हर जगह लगभग शून्य पर आ गए हैं
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ताजुब्ब होता है अभी-अभी नए-नए मेयर बने हैं, मेयर न्यूयॉर्क के बने हैं और निष्पक्ष मुकदमे के लिए भारत को बोल रहे हैं। अमेरिका में जो नस्लवाद चल रहा है उस पर कहा होता है तो समझ में आता। यह जो कानून निर्माता है जब वहां पर हमारे मंदिरों पर हमले होते हैं तब चुप्पी साध लेते हैं आखिर कानून निर्माता तब क्यों नहीं बोलते जब पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में हिंदुओं का उत्पीड़न होता है। आप समझिए अफगानिस्तान में हम लगभग शून्य आबादी पर आ गए हैं। पाकिस्तान में एक प्रतिशत ही रह गए हैं बांग्लादेश में हमारी 37% आबादी अब 7% पर आ गई है लेकिन क्या इस पर कोई सीनेटर बोला है? ममदानी खुद को भारतीय मूल का बताते हैं लेकिन यह इनका कैसा मूल है यह उनके पहले बयान से ही पता चलता है।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा भारत के कानून में दखल देने का कोई अधिकार नहीं
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा भारत की न्याय व्यवस्था इतनी मजबूत है, भारत का लोकतंत्र इतना जबरदस्त है कि इसकी बराबरी अमेरिका भी नहीं कर सकता इसलिए इसे लोकतंत्र की मां कहा जाता है। सजिल इमाम, उमर खालिद इस तरह की आतंकी मानसिकता के जो लोग हैं उनको इसलिए बचाना चाहते हो कि वह मुसलमान है कम से कम न्यूयॉर्क के मेयर को ऐसा तो नहीं कहना चाहिए जो अपने आप को कानून निर्माता कहते हैं उन्हें भारत के कानून के अंदर दखल देने का कोई अधिकार नहीं, उनको अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनाई चाहिए अंतरात्मा में झांकना चाहिए। ऐसे लोग जो आतंकी है, अलगाववादी है भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह इंशाल्लाह इस तरह के नारे लगाने वाले हैं दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने वाले हैं दर्जन लोगों को मरवाने वाले हैं उनकी आप पैरवी कर रहे हैं, पत्र लिख रहे हैं शर्म आनी चाहिए।
पूर्व कूटनीतिज्ञ केपी फेबियन ने क्या कहा इस मामले में?
पूर्व कूटनीतिज्ञ केपी फेबियन ने कहा बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है ,एक हिंदू पर हमला हुआ वह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है लेकिन हम चिंतित है। इसलिए आपका यह मानना कि कुछ चीज आंतरिक होती है इसलिए विदेश में रुचि नहीं ले सकते गलत है क्योंकि हम अलग तरह से व्यवहार करते हैं इसमें रुचि क्यों नहीं ले सकते। भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है इसलिए भारत में जो कुछ भी होता है वह बाकी दुनिया के लिए रुचिकर है।
क्यों उमर खालिद पर चल रहा है मुकदमा?
उमर खालिद पर फरवरी 2020 के दिल्ली में हुए दंगों का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगा है। इस दंगे में 60 से अधिक लोग मारे गए थे। उमर खालिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का एक पूर्व छात्र था। उमर खालिद ने जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाल्लाह इंशाल्लाह के नारे लगवाए थे। उमर खालिद के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम या भारतीय दंड संहिता आईपीसी के प्रावधानों के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।