बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की उम्र में देहांत

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का आज सुबह 6:00 बजे 80 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया उनके निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की निष्कासित  पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की है।

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का देहांत

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया है। आज 30 दिसंबर को सुबह 6:00 बजे उनका देहांत हो गया है। वह काफी लंबे समय से बीमार थी। उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खालिदा जिया के निधन की सूचना दी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की पहली महिला पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताया 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्षा बेगम खालिदा जिया के निधन के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में भारत की संवेदनाएं खालिदा जिया के परिवार और बांग्लादेश के साथ हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा खालिदा जिया ने निभाई थी बांग्ला देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी शोक संदेश में कहा बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में खालिदा जिया ने देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के संबंधों को मजबूत करने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया था। 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के साथ अपनी मुलाकात को भी इन क्षणों में याद किया और कहा यह मुलाकात गर्मजोशी से भरी हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा खालिदा जिया की सोच और विकास और उनकी विरासत भारत- बांग्लादेश साझेदारी को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन करती रहेगी उन्होंने ईश्वर से खालिदा जिया की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए और उनके परिजनों को इस दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

बांग्लादेश की निष्कासित प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खालिदा जिया के निधन पर जताया शोक

बांग्लादेश की निष्कासित प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की पूर्व और पहली महिला प्रधानमंत्री के निधन पर शोक जताते हुए कहा बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर और देश में लोकतंत्र की स्थापना के संघर्ष में उनकी भूमिका अहम रही है। देश के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण था उसे याद किया जाएगा। उनका निधन बांग्लादेश की राजनीति और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व के लिए एक बहुत बड़ी हानि है। शेख हसीना ने खालिदा जिया के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। 

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की पूर्व महिला प्रधानमंत्री के निधन पर जताया शोक 

बांग्लादेश के वर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा देश ने एक महान संरक्षक को खो दिया है उनके निधन से मैं बेहद दुखी हूं। वो सिर्फ एक राजनीतिक दल की हिस्सा नहीं थी बल्कि उन्होंने बांग्लादेश के इतिहास में एक अहम अध्याय का प्रतिनिधित्व किया था।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री कैसे बनी एक मुस्लिम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री 

बांग्लादेश की पहली पूर्व महिला प्रधानमंत्री 1981 में बनी थी। जब खालिदा जिया के पति की हत्या कर दी गई थी तब उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बीएनपी को संभाला था और तब से लगातार दो बार उन्होंने बांग्लादेश का नेतृत्व किया। खालिदा जिया के पति जिया उर रहमान ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में अपना अहम योगदान दिया था और उन्हें बांग्लादेश का प्रधानमंत्री भी बनाया गया था 1977 में वह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने थे। उस समय तक खालिदा जिया अपने दो बेटों की परवरिश में व्यस्त थी बताया जाता है कि वह एक शर्मीली गृहणी थी लेकिन 1981 में उनके पति जिया उल रहमान की हत्या कर दी गई जिसके बाद उन्होंने बांग्लादेश की बागडोर अपने हाथ में ले ली।

खालिदा जिया पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप 

खालिदा जिया 1981 से 2001 तक लगातार तीन बार प्रधानमंत्री रहीं लेकिन इसी समय उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगने शुरू हुए। और 2001 में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना बन गई। खालिदा जिया पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उन्हें कई वर्षों तक जेल में रहना पड़ा। खालिदा जिया को भी भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण ही तख्तापलट का शिकार होना पड़ा और खालिदा जिया पर 2024 में सारे आरोपों को वापस ले लिया गया। 

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