Thursday, April 3, 2025
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अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना, अमित शाह ने दिया करारा जवाब

लोकसभा में आज उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अखिलेश यादव ने बीजेपी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में देरी को लेकर तंज कसा, जिस पर अमित शाह ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

बीजेपी में गुटबाजी का आरोप

अखिलेश यादव, जो कि कन्नौज का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि बीजेपी इस वक्त आंतरिक खींचतान का शिकार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह अब तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता यह साबित करने में लगे हैं कि उनमें से कौन सबसे बड़ा हिंदू है।

अमित शाह का पलटवार

इस पर अमित शाह तुरंत खड़े हुए और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “अखिलेश जी ने मुस्कुराते हुए कुछ कहा, तो मैं भी मुस्कुराते हुए जवाब दूंगा।” उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, “इनकी पार्टियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए केवल एक परिवार के 5 लोगों में से किसी एक को चुनना पड़ता है। जबकि हमारी पार्टी को 12-13 करोड़ सदस्यों के बीच से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनना होता है, इसलिए इसमें समय लगता है।”

समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष

अमित शाह ने अखिलेश यादव की ओर मुखातिब होते हुए आगे कहा, “आपको समय नहीं लगेगा। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आप अगले 25 साल तक पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। कोई आपको हटा नहीं सकता।”

अखिलेश यादव का पलटवार

इस पर अखिलेश यादव ने भी मुस्कान के साथ जवाब दिया, “कुछ दिन पहले निकली यात्रा क्या 75 साल की एक्सटेंशन का जश्न था?” उनका इशारा बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के लिए 75 वर्ष की उम्र सीमा के नियम की ओर था।

वक्फ संशोधन विधेयक पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक सरकार की नीतियों की असफलताओं को छिपाने के लिए लाया गया है, जिसमें नोटबंदी, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा, “यह देश मिश्रित संस्कृति का प्रतीक है। आप कह रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं को जोड़ा गया है, लेकिन मैं देखूंगा कि बिहार चुनाव में बीजेपी कितनी महिलाओं को टिकट देती है।”

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी मुस्लिम समुदाय की वक्फ संपत्तियों की पहचान करने की बात कर रही है, लेकिन उन्होंने कभी कुंभ मेले में लापता हुए हिंदुओं की जानकारी नहीं दी। उन्होंने मांग की, “कुंभ मेले में जिन 30 लोगों की मृत्यु हुई और 1,000 से ज्यादा जो लापता हुए, उनकी सूची कहां है?”

चीन के मुद्दे पर घेरा

अखिलेश यादव ने चीन द्वारा भारतीय सीमा में गांव बसाने के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कोई भी वक्फ भूमि किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक इस मकसद से लाया गया है ताकि वक्फ संपत्तियों पर किसी और का नियंत्रण हो जाए और इससे बीजेपी को ध्रुवीकरण करने का मौका मिल जाए।

विपक्ष का विरोध और बीजेपी की बढ़त

लोकसभा में इस समय वक्फ संशोधन विधेयक पर गहन चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार का दावा है कि यह संशोधन 1995 के वक्फ कानून को बेहतर बनाने के लिए किया गया है, जिससे वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। हालांकि, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका कहना है कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा इस विधेयक की समीक्षा के दौरान विपक्षी सांसदों की सिफारिशों पर विचार नहीं किया गया।

हालांकि, संसद में संख्या बल बीजेपी के पक्ष में दिख रहा है। लोकसभा में बीजेपी के 240 सांसद हैं, जबकि टीडीपी और जेडीयू के क्रमशः 16 और 12 सांसद हैं। अन्य सहयोगियों को मिलाकर NDA के पास कुल 295 वोट होने की संभावना है, जो कि बहुमत के आंकड़े 272 से काफी अधिक है। दूसरी ओर, कांग्रेस और उसके सहयोगियों के पास लगभग 234 वोट हैं।

निष्कर्ष

वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में गरमागरम बहस चल रही है। एक ओर विपक्ष इसे सरकार की असफलताओं को छिपाने का प्रयास बता रहा है, वहीं दूसरी ओर, बीजेपी इसे वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन का जरिया बता रही है। इसके साथ ही, अमित शाह और अखिलेश यादव के बीच हुई इस राजनीतिक नोकझोंक ने लोकसभा की कार्यवाही को और दिलचस्प बना दिया। अब देखना होगा कि इस विधेयक पर अंतिम फैसला क्या आता है और विपक्ष अपने विरोध को किस स्तर तक ले जाता है।

ABHISHEK KUMAR ABHAY
ABHISHEK KUMAR ABHAY
I’m Abhishek Kumar Abhay, a dedicated writer specializing in entertainment, national news, and global issues, with a keen focus on international relations and economic trends. Through my in-depth articles, I provide readers with sharp insights and current developments, delivering clarity and perspective on today’s most pressing topics.
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