आखिरी ओवरों में चौंकाने वाला फैसला
आईपीएल में शुक्रवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मुंबई इंडियंस (MI) की हार के दौरान एक ऐसा पल आया जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। आखिरी ओवरों में जब टीम को जीत के लिए 7 गेंदों में 24 रन चाहिए थे, तब युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को रिटायर आउट कर दिया गया। यह फैसला न सिर्फ अप्रत्याशित था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी झकझोर देने वाला था।
तिलक की जगह भेजे गए मिचेल सैंटनर को बड़े शॉट्स के लिए जाना नहीं जाता, और ऐसे में यह फैसला फैंस और विशेषज्ञों दोनों के लिए चौंकाने वाला था। कोच महेला जयवर्धने के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले ने मैच की दिशा ही बदल दी।
तिलक वर्मा: एक उभरता सितारा
Batting at 25 off 23 in the run chase, #TilakVarma retired himself out to make way for Mitchell Santner! 🤯
Only the 4th time a batter has retired out in the IPL!
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— Star Sports (@StarSportsIndia) April 4, 2025
मुंबई इंडियंस जैसे स्टार-स्टडेड टीम में तिलक वर्मा ने खुद को साबित किया है। उन्होंने अब तक 42 आईपीएल मैचों में 143.14 के स्ट्राइक रेट से 1251 रन बनाए हैं। वहीं टीम इंडिया के लिए T20I में उनका औसत करीब 50 का है और स्ट्राइक रेट 155 से ऊपर।
आईसीसी T20I रैंकिंग में भी वे चौथे नंबर पर काबिज हैं, जो उनकी निरंतरता और विस्फोटक क्षमता का प्रमाण है। बावजूद इसके, जब शुक्रवार को वे 23 गेंदों में सिर्फ दो चौके ही लगा सके तो MI ने उन्हें रिटायर करने का निर्णय ले लिया — एक ऐसा फैसला जो शायद जल्दबाज़ी वाला था।
सांत्वना का स्पर्श
जब तिलक मैदान छोड़ रहे थे, उनके स्थान पर आने वाले मिचेल सैंटनर ने उन्हें हल्के से पीठ पर थपथपाया। यह इशारा बहुत कुछ कह गया — मानो सैंटनर भी इस फैसले से असहज हों।
तिलक ड्रेसिंग रूम नहीं गए, बल्कि डगआउट में ही बैठ गए। उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। एक सपोर्ट स्टाफ सदस्य उनके पास बैठ गया और कंधे पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाने लगा।
मैच के बाद का माहौल भी शांत और निराशजनक रहा। कप्तान हार्दिक पांड्या ने अंतिम ओवर में रन लेने से इनकार किया और सैंटनर बड़े शॉट्स नहीं लगा सके। MI अंततः यह मुकाबला 12 रनों से हार गई।
महेला जयवर्धने ने दी सफाई
मैच के बाद कोच महेला जयवर्धने ने इस फैसले पर अपनी बात रखी। “तिलक ने अच्छा खेला, लेकिन वह आखिरी ओवरों में रन नहीं बना पा रहा था। मैं चाहता था कि कोई फ्रेश बल्लेबाज आए और मैच को फिनिश करे,” उन्होंने कहा।
जयवर्धने ने यह भी जोड़ा, “ऐसे फैसले लेना आसान नहीं होता। तिलक संघर्ष कर रहा था, और मैं चाहता था कि कोई नया खिलाड़ी आखिरी ओवर में कुछ कर सके। यह पूरी तरह से रणनीतिक फैसला था।”
मिला-जुला रहा प्रतिक्रिया का स्वर
कप्तान हार्दिक पांड्या ने भी कहा कि यह दिन तिलक के लिए अच्छा नहीं था। “ऐसे दिन आते हैं क्रिकेट में जब आप जितना भी कोशिश करें, चीजें आपके पक्ष में नहीं जातीं,” हार्दिक ने कहा।
हालांकि, क्रिकेट विश्लेषकों और फैंस का मानना है कि तिलक जैसे खिलाड़ी पर थोड़ा और भरोसा जताना चाहिए था, खासकर जब विकल्प के तौर पर सैंटनर जैसे बल्लेबाज आए हों जिनका आईपीएल स्ट्राइक रेट महज़ 106 का है।
यह आईपीएल के इतिहास में सिर्फ चौथी बार था जब किसी बल्लेबाज को रिटायर आउट किया गया हो — एक दुर्लभ घटना जिसने चर्चा को और तीव्र कर दिया।
भावनाओं के बीच कठोर फैसला
यह पूरी घटना बताती है कि क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों और रणनीतियों का खेल नहीं है, बल्कि इसमें भावनाएं भी गहराई से जुड़ी होती हैं। तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ी के लिए यह क्षण दिल तोड़ने वाला रहा होगा, और यही सवाल खड़ा होता है — क्या यह फैसला सही था?
एक ओर टीम की रणनीति थी, तो दूसरी ओर एक ऐसे खिलाड़ी की मनोस्थिति जिसे आपने मुश्किल घड़ी में हटा दिया। इस फैसले के असर लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं।
आगे की राह
मुंबई इंडियंस के पास अभी पूरे टूर्नामेंट का समय है। लेकिन यह घटना निश्चित रूप से टीम के भीतर मनोबल और विश्वास को प्रभावित कर सकती है। यह जरूरी है कि युवा खिलाड़ियों को महसूस हो कि टीम उनके साथ है — खासकर जब वे कठिन समय से गुजर रहे हों।
तिलक वर्मा की रिटायरमेंट एक ऐसा क्षण बन गया है जिसे क्रिकेट की रणनीति और भावनाओं के टकराव के रूप में याद किया जाएगा।