🔴 वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस का बड़ा कदम
कांग्रेस ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने की तैयारी कर ली है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने घोषणा की कि कांग्रेस जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 की संवैधानिकता को चुनौती देगी। हम संविधान के सिद्धांतों, प्रावधानों और परंपराओं पर मोदी सरकार के हमलों का विरोध करते रहेंगे।”
📌 कांग्रेस पहले भी दे चुकी है कानूनी चुनौती
कांग्रेस ने पहले भी कई अहम कानूनी मामलों में हस्तक्षेप किया है:
-
RTI अधिनियम 2005 में 2019 के संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
-
चुनाव आचरण नियम (2024) में संशोधन के खिलाफ मामला
-
Places of Worship Act 1991 की मूल भावना की रक्षा के लिए याचिका
🏛 संसद में पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक 2024
इस सप्ताह की शुरुआत में, लोकसभा में विधेयक को मंजूरी मिली और फिर राज्यसभा में भी पारित हो गया।
यह विधेयक विपक्ष द्वारा भारी विरोध के बावजूद पारित हुआ।
✅ पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक को “समावेशी विकास, पारदर्शिता और सामाजिक-आर्थिक न्याय” की दिशा में ऐतिहासिक मोड़ बताया।
उन्होंने कहा:
“वक्फ प्रणाली वर्षों से पारदर्शिता और जवाबदेही से वंचित रही है। इससे सबसे अधिक नुकसान मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुस्लिमों, और पसमांदा समुदायों को हुआ है।”
📊 मोदी सरकार का दावा बनाम विपक्ष का विरोध
मोदी सरकार का दृष्टिकोण | कांग्रेस व विपक्ष का आरोप |
---|---|
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा | संविधान के खिलाफ है |
हाशिए पर रहे लोगों को लाभ मिलेगा | मुस्लिम समुदाय की संपत्ति पर नियंत्रण की साजिश |
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा | समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला |
🧾 निष्कर्ष: क्या वाकई बदलाव लाएगा नया वक्फ कानून?
वक्फ संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चले आ रहे हैं। यह नया विधेयक इन विवादों के समाधान का प्रयास है या फिर राजनीतिक हितों का हिस्सा?
अब इसका जवाब देश की सर्वोच्च अदालत से ही मिलेगा।
📢 आपके विचार?
क्या आप मानते हैं कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 देश में पारदर्शिता लाएगा?
या यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर आघात है?
कमेंट में अपनी राय जरूर दें और इस ब्लॉग को शेयर करें।