Friday, April 4, 2025
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ट्रंप का भारत पर 26% टैरिफ: दोस्ती के बावजूद व्यापारिक दबाव!

क्या भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया तनाव?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान मित्र बताया, लेकिन इसके साथ ही भारतीय आयात पर 26% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, “तुम मेरे दोस्त हो, लेकिन तुम हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे।” ट्रंप ने इस कदम को एक छूट युक्त प्रतिशोधी टैरिफ करार दिया, जिसका उद्देश्य भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी सामानों के मुकाबले अधिक शुल्क को संतुलित करना है।

ट्रंप का भारत पर आरोप

ट्रंप ने भारत के व्यापार नीतियों को “बहुत सख्त” बताते हुए कहा कि अमेरिका वर्षों से लगभग शून्य टैरिफ के साथ भारतीय वस्तुओं को स्वीकार कर रहा था, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 52% तक शुल्क लगा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अब तक अनुचित व्यापार शर्तों को सहन किया है और केवल सात साल पहले उनके प्रशासन के आने के बाद चीन पर टैरिफ लागू किए गए थे। उनके अनुसार, “हमने चीन से सैकड़ों अरब डॉलर की टैरिफ वसूली की है, और अब यही नीति भारत और अन्य देशों पर भी लागू होगी।”

मोदी की अमेरिका यात्रा और नई व्यापार नीतियाँ

इस घोषणा से कुछ सप्ताह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन डी.सी. की यात्रा पर थे। ट्रंप ने भारत को पहले भी “टैरिफ किंग” और वैश्विक व्यापार का “बड़ा दुरुपयोगकर्ता” करार दिया था। फरवरी में व्हाइट हाउस में मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ट्रंप ने कहा था कि भारत की टैरिफ नीतियाँ बेहद सख्त हैं।

“मैं उन्हें दोष नहीं देता, लेकिन यह व्यापार करने का एक अलग तरीका है। भारत में प्रवेश करना बहुत कठिन है क्योंकि वहाँ मजबूत व्यापारिक अवरोध और उच्च शुल्क हैं,” उन्होंने कहा था।

अमेरिका-भारत व्यापार असंतुलन

ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका के व्यापार घाटे को लगभग $100 बिलियन आंका और कहा कि यह असमानता वर्षों से बनी हुई है। दोनों देशों ने इस असंतुलन को ठीक करने के लिए वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम एक समान खेल का मैदान चाहते हैं, और मोदी जी भी इसके लिए सहमत हैं। हम इस पर बहुत मेहनत करेंगे।”

भारतीय वाणिज्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया

भारत के वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस 26% टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह शुल्क दो चरणों में लागू किया जाएगा –

  • 10% शुल्क 5 अप्रैल से
  • 16% अतिरिक्त शुल्क 10 अप्रैल से

भारत सरकार इस नीति के दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन कर रही है और इसे एक “मिश्रित परिणाम” वाला कदम मान रही है, न कि पूरी तरह से नकारात्मक।

क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित होगा?

भारत और अमेरिका पहले से ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वार्ता कर रहे हैं। यह समझौता सितंबर-अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है। हालांकि, नई टैरिफ नीति से यह वार्ता धीमी पड़ सकती है।

अन्य देशों पर अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव

भारत के अलावा, अमेरिका ने अन्य देशों पर भी टैरिफ बढ़ा दिए हैं:

  • चीन – 34%
  • यूरोपीय संघ – 20%
  • वियतनाम – 46%
  • दक्षिण कोरिया – 25%
  • जापान – 24%
  • ताइवान – 32%
  • ब्रिटेन – 10%
  • स्विट्जरलैंड – 34%

निष्कर्ष: व्यापारिक संबंधों पर असर?

भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में यह एक नया मोड़ है। अमेरिका के इस फैसले से भारतीय कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा। क्या भारत भी जवाबी टैरिफ लगाएगा? क्या यह नीति दोनों देशों के व्यापार संतुलन को सुधारने में मदद करेगी या द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ाएगी?

आपकी राय क्या है? क्या भारत को भी जवाबी टैरिफ लगाने चाहिए? हमें अपने विचार नीचे कमेंट सेक्शन में बताएं!

ABHISHEK KUMAR ABHAY
ABHISHEK KUMAR ABHAY
I’m Abhishek Kumar Abhay, a dedicated writer specializing in entertainment, national news, and global issues, with a keen focus on international relations and economic trends. Through my in-depth articles, I provide readers with sharp insights and current developments, delivering clarity and perspective on today’s most pressing topics.
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