जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मनमोहन सिंह के योगदान को रेखांकित किया।
बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावनाओं से इनकार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) अपनी राजनीतिक विचारधारा पर अडिग है और बीजेपी से उनकी पार्टी की सोच मेल नहीं खाती।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम बीजेपी के साथ किसी गठबंधन पर विचार नहीं कर रहे हैं। न ही इसकी कोई गुंजाइश है और न ही इसकी कोई जरूरत है। जम्मू-कश्मीर को लेकर हमारी सोच पूरी तरह अलग है। इस सत्र में हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।”
मनमोहन सिंह के योगदान की सराहना
विधानसभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म अविभाजित भारत में हुआ था। उन्होंने ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज में शिक्षा प्राप्त की और एक अफसर, वित्त मंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की। जब वे वित्त मंत्री बने, तब देश गहरे आर्थिक संकट में था। आज हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। लाइसेंस राज समाप्त होने के बाद निजी क्षेत्र को बढ़ावा मिला। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने इंदिरा आवास योजना और मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।”
उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल के अंत में कहा था, “इतिहास मुझे वर्तमान से बेहतर आंकेगा।” दुनिया भर के नेताओं ने उनके नेतृत्व की प्रशंसा की थी।
पूर्व प्रधानमंत्री की सादगी और नेतृत्व
उमर अब्दुल्ला ने एक घटना को याद करते हुए कहा, “मैंने एक मुद्दे पर उन्हें पत्र लिखा था और उसी पर एक साक्षात्कार भी दिया था, लेकिन उसमें पत्र का जिक्र नहीं किया था। जब उन्हें लगा कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है, तो उन्होंने मुझे फोन कर समझाया। मैंने बताया कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया, लेकिन फिर भी 15 मिनट बाद उन्होंने दोबारा फोन किया और मुझसे माफी मांगी। वे प्रधानमंत्री थे, उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन यह उनकी सादगी और महानता को दर्शाता है।”
कश्मीर मुद्दे पर मनमोहन सिंह और मुशर्रफ की पहल
उन्होंने कहा कि पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और मनमोहन सिंह के बीच कश्मीर समस्या के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता हुई थी। उनके कार्यकाल में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए नौकरियां सृजित की गईं और वे कश्मीर वापस लौटे। जगती टाउनशिप का निर्माण उनके समय में हुआ था।
मनमोहन सिंह की अधूरी परियोजनाएं
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मनमोहन सिंह के कार्यकाल में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की शुरुआत हुई। आज हम प्रधानमंत्री से बनिहाल रेल परियोजना के उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं, जिसे मनमोहन सिंह ने शुरू किया था। उनके ही समय में दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का कार्य प्रारंभ हुआ था।”
विधानसभा में श्रद्धांजलि अर्पित
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य दिवंगत सांसदों एवं विधायकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
श्रद्धांजलि संदर्भ
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने देश की अर्थव्यवस्था को आकार देने में मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया और उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया।
उन्होंने पूर्व सांसद सैयद गुलाम हुसैन गिलानी, पूर्व मंत्री शमशेर सिंह मन्हास, और पूर्व विधायक गुलाम हसन पारे तथा चौधरी प्यारा सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कई विधायकों, जिनमें मुबारक गुल, शाम लाल शर्मा, डॉ. नरिंदर सिंह, डॉ. बशीर अहमद शाह, घुलाम अहमद मीर, वाई. तारिगामी, अब्दुल मजीद लारमी, मोहम्मद रफीक नायको, विक्रम रंधावा, निजामुद्दीन भट, सतीश कुमार शर्मा और इफ्तिखार अहमद शामिल थे, ने भी पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अध्यक्ष और सदन के सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।