भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर प्रदर्शन, बढ़ाई गई सुरक्षा

भारत में बांग्लादेश के हाई कमी शन और डिप्टी हाई कमीशन के बाहर भारी मात्रा में प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किये। एक हिंदू की हत्या और उसके शव को पेड़ से उल्टा लटका कर जलाने के बाद हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए गए हैं। यह प्रदर्शन दिल्ली, कोलकाता, त्रिपुरा जैसे शहरों में हुए। 

 भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर क्यों हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन?

भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह हिंदू अल्पसंख्यकों पर होते लगातार अत्याचार हैं। जनवरी से लेकर अब तक 50 से अधिक हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। अभी हाल ही में हुई एक हिंदू युवक की हत्या के बाद भारत में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक विशेष रूप से हिंदू सुरक्षित नहीं है और यह विरोध प्रदर्शन हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और एक हिंदू युवक की हत्या के विरोध में किया जा रहे हैं। बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू व्यक्ति को मयमनसिंह जिले में मोहम्मद के विरोध में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में इतना मारा पीटा गया कि उसकी मृत्यु हो गई और उसके बाद उसके शव को जला दिया। 

भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर हो रहे प्रदर्शन में क्या कह रहे हैं प्रदर्शनकारी? 

भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर हो रहे प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के विरोध में नारे लगाए। दीपू चंद्र दास की हत्या के आरोपियों को सजा दिलवाने की मांग की। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारी बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर बैनर ले रखे थे। ऐसे में कुछ जगह हल्की-फुल्की झड़पें भी हुई। प्रदर्शनकारी बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अल्पसंख्यक विशेष रूप से हिंदू सुरक्षित नहीं है। कई लोगों पर ईश निंदा के झूठे आरोप दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारी युनूस सरकार होश में आओ, हिंदू हत्या बंद करो, भारत माता की जय जैसे नारे लगा रहे थे। एक व्यक्ति रोते हुए आंसू से भरी आंखों से बोला हम हिंदू हैं, हम किसी को नहीं मारते। यह राम की भूमि है यह कृष्ण की भूमि है, हम किसी को नहीं मारते लेकिन हमारी बहू, बेटियां, हमारी अस्मिता सुरक्षित नहीं हैं।

भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया 

बांग्लादेश में भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद भारत के उच्चायुक्त को बुलाया गया है। बांग्लादेश ने विरोध प्रदर्शनों पर अपनी गहरी चिंता जताई है बांग्लादेश के मिशन की सुरक्षा को लेकर भी बांग्लादेश ने अपनी चिंता जताई है।बांग्लादेश ने इसे राजनयिक मर्यादा का उल्लंघन बताया है। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से अपने मिशनों में वीजा सेवाओं को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है। 

क्या कहना है भारत का बांग्लादेश मिशन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों के बारे में? 

भारत ने भारत में बांग्लादेश मिशन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बारे में कहा कि यह प्रदर्शन संक्षिप्त और शांतिपूर्ण थे इनमें सुरक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है।भारत सरकार ने कहा अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं और किसी भी राजनयिक मिशन को नुकसान नहीं पहुंचा है। भारत ने बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुए हमलों को लेकर भी अपनी चिंता जताई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसी ने बांग्लादेश मिशन के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया  है। हिंसा को रोकने के लिए सतर्कता भी बढ़ा दी गई है। भारत सरकार का कहना है कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी है और इसे सुरक्षित और सुनिश्चित किया गया है।

कोलकाता में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को लिया गया हिरासत में 

प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बांग्लादेश मिशन की सुरक्षा बढ़ा दी है। कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

भारत और बांग्लादेश के संबंध हो रहे हैं तनावपूर्ण

जब से बांग्लादेश में नई यूनुस सरकार बनी है भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण हो चुके हैं और इन विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश ने भारत में अपने कुछ मिशनों में वीजा सेवाएं स्थगित कर दी है। दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है और हिंदू युवक की मृत्यु के बाद बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में तनाव बढ़ने की एक और वजह मिल गई है।

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