आज 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी के दिन अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर भव्य धर्म ध्वजारोहण का आयोजन हो गया। यह एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान है जिसे अभिजीत मुहूर्त में संपन्न किया गया जो की एक मंगलकारी मुहूर्त है।
आज 25 नवंबर विवाह पंचमी के दिन अयोध्या में हुआ धर्म ध्वजारोहण।
आज 25 नवंबर विवाह पंचमी के दिन अभिजीत मुहूर्त में रामलला मंदिर की स्थान प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्म ध्वजारोहण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेबटन दबाकर राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज आरोहण किया। इस प्रक्रिया के बाद अब राम मंदिर पूर्ण हो चुका है।
ध्वजारोहण से पहले की गई माता अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ ध्वजारोहण से पहले अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा की।
क्यों किया गया अभिजीत मुहूर्त में ही ध्वजारोहण?
आज सुबह 11:45 पर अभिजीत मुहूर्त में अयोध्या में राम मंदिर में ध्वजारोहण किया गया है। ध्वजारोहण की प्रक्रिया 12:29 तक चली। अभिजीत मुहूर्त एक विशेष मुहूर्त है जो की भगवान सूर्य के हमारे सर के ऊपर आने का, भगवान सूर्य के राजा के रूप में शासन करने का प्रतीक है। भगवान राम अयोध्या में एक राजा के रूप में विराजमान हुए हैं इसलिए अभिजीत मुहूर्त पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया गया ताकि देश में नीति, न्याय, धर्म और सुशासन प्रभावी रहे। भगवान राम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था जबकि भगवान राम का विवाह विवाह पंचमी के दिन हुआ था । भगवान राम का विवाह मां जानकी से मार्गशीष माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन हुआ था।इसलिए आज का दिन बहुत ही शुभ था आज विवाह पंचमी भी थी और अभिजीत मुहूर्त भी था।
क्या है ध्वजारोहण में प्रयुक्त हुए ध्वज की विशेषता ?
ध्वजारोहण के बाद एक भागवत ध्वज शिखर पर लहराया गया है इस ध्वज पर चमकते सूरज को भी धारा का पेड़ और ओम अंकित किया गया है। यह ध्वजा 10 फीट ऊंची और 20 फीट लंबी समकोण वाली तिकोनी ध्वजा है। यह ध्वज श्री भगवान राम की प्रतिभा, वीरता का प्रतीक है। केसरिया रंग का यह ध्वज लगभग 2 किलो वजन का है और इसे 161 फीट ऊंचे शिखर पर लहराया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान राम जी की की प्रार्थना कहा पूरा विश्व राममय
प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा बनने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा यह न्याय का प्रतीक हो सुशासन से समृद्धि का पथ प्रदर्शक हो और विकसित भारत की ऊर्जा बनाकर इसी रूप में सदा आरोहित रहे। हमारी भगवान श्री राम से यही कामना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज सदियों के घाव भर गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज पूरा विश्व राममय भ हो गया है राम विनम्रता में महाबल का प्रतीक हैं। राम एक दिशा है राम एक मर्यादा हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना है कोबेदार हमारी अस्मिता की वापसी का प्रतीक है
अपनी विरासत पर गर्व करें और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आने वाले 10 वर्षों में हमें मैकाले की गुलामी से मुक्ति पानी होगी हम आजाद हुए पर गुलामी की मानसिकता से मुक्ति नहीं पा सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर से जुड़े कारीगर वास्तुकार और श्रमिकों को किया प्रणाम
प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर से जुड़े हर कार्यक्रम वास्तुकार और श्रमिकों को प्रणाम करते हुए कहा कैसे राजकुमार मर्यादा पुरुषोत्तम बनता है। शबरी, केवट, निषाद राज की भूमिका उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने में महत्वपूर्ण रही। शबरी माता का मंदिर जनजाति भाव के प्रेम का प्रतीक है। निषाद राज का मंदिर मित्रता का साक्षी है। माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, जटायु और गिलहरी के मंदिर बड़े लक्ष्य के लिए छोटे प्रयास का प्रतीक है प्रधानमंत्री मोदी ने कहा महिला, दलित, वंचित युवा, आदिवासी हमारे विकास के केंद्र में हैें हम शक्ति नहीं सहभागिता से आगे बढ़ने में विश्वास करते हैं।