कल से एक नया लेबर कोड शुरू हुआ है। केंद्र सरकार ने 29 साल पुराने लेबर लॉ के नियमों को बदलते हुए कुछ परिवर्तन किए हैं जिन्हें इस नए लेबर कोड में शामिल किया गया है। आइए जानते हैं क्या है इस नए लेबर लॉ या लेबर कोड में
क्या है नये लेबर कोड में ?
केंद्र सरकार ने 29 साल पुराने नियमों को बदलते हुए श्रम कानून को सुधारने के लिए संसद में पांच साल पहले प्रस्तावित चारों लेबर कोड को लागू करने की सूचना जारी कर दी है। नए कानून में सभी कर्मचारियों को उनके अपांइर्टमेंट लेटर देना आवश्यक किया गया है। कॉन्ट्रैक्ट लेवल वाले कर्मचारियों के लिए भी स्थाई कर्मचारियों की तरह सुविधाओं को प्रदान करना अनिर्वाय किया गया है। इस नए लेबर कोड को अभी तक मौजूद 29 श्रम कानूनों के स्थान पर लागू किया जाएगा। इस नये लेबर कोड के द्वारा भारत के श्रमिकों की दशा और दिशा बदलकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ भारत को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या क्या हैं लेबर कोड में
मजदूरी पर लेबर कोड 2019
इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020
ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड
ग्रेच्युटी के लिए अब नहीं करना पड़ेगा 5 सालों का इंतजार
सभी को ग्रेच्युटी के लिए 5 सालों तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। अगर आपने 1 साल नौकरी कर ली है तो आपको ग्रेच्युटी के लाभ मिल सकेंगे ।
ओवरटाइम के घंटों का होगा डबल भुगतान
श्रम सुधार के नए नियमों में ओवरटाइम के घंटे का डबल भुगतान किया जाएगा। अगर श्रमिक रात की पाली में ओवरटाइम करता है तो उसे उसके वेतन का दुगना भुगतान किया जाएगा। सभी कर्मचारी के लिए नियुक्ति पत्र को अनिवार्य किया गया है। हर दिन 8 से 12 घंटे काम करना अनिवार्य होगा। सप्ताह में 48 घंटे कब करना जरूरी होगा। जो कर्मचारी बीड़ी या सिगार की फैक्ट्री में काम कर रहे हैं ऐसे व्यक्तियों के लिए साल में 30 दिन काम करने के बाद ही उन्हें बोनस मिलना शुरू हो सकता है।
महिलाएं कर सकेंगे कहीं भी नाइट ड्यूटी पर सुरक्षा के साथ
महिलाओं के साथ इस नये लेबर कोड में कुछ नया किया गया है। अगर वह चाहे तो किसी भी क्षेत्र में नौकरी हासिल कर सकती है पहले कुछ क्षेत्र महिलाओं के लिए वर्जित थे पर अब उन्हें सुरक्षा प्रदान करते हुए हर क्षेत्र को उनके लिए खोल दिया गया है। वह जहां चाहे वहां काम कर सकती है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की छूट तो मिली ही है उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी और साथ ही साथ उनका वेतन भी समान होगा। अपने परिवार में महिलाएं अपने सास ससुर को भी जोड़ सकती हैं।
फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को मिलेगी स्थाई कर्मचारियों के बराबर सैलरी
इस नए कानून के द्वारा कुछ समय के लिए रखे गए कर्मचारियों को भी स्थाई कर्मचारियों के बराबर ही सैलरी मिलेगी। साथ ही साथ उन्हें छुट्टी, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। अब फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को 1 साल के बाद ही ग्रेच्युटी मिलने लगेगी। खतरनाक काम करने वाले लोगों को जैसे कि खदान मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है। खुद की सुरक्षा के लिए ऑन साइड सेफ्टी मॉनिटरिंग के मानक भी तय किए गए हैं।
गिग वर्क प्लेटफार्म वर्क और एग्रीगेटर वर्कको परिभाषित किया गया है इस नए लेबर कोड द्वारा
गिग वर्क, प्लेटफार्म वर्क और एग्रीगेटर वर्क को पहली बार लेबर कोड में शामिल किया गया है। इन सभी को सामाजिक सुरक्षा देना तय किया गया है। इसके लिए एग्रीगेटर को वार्षिक टर्नओवर का एक से 2% योगदान करना आवश्यक होगा। गिग वर्कर्स का एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होगा। जोकि वो किसी भी राज्य में काम करें स्थाई ही रहेगा। उनका खाता वही रहेगा।
नये लेबर कोड में जोड़े गए हैं नये कामगार
नये लेबर कोड में नये कामगारों को जोड़ा गया हैं। बागान मजदूर, ऑडियो विजुअल और डिजिटल मीडिया में काम करने वाले लोग, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार, डबिग आर्टिस्ट और स्टंट पर्सन को भी इस नए लेबर कोड में एड किया गया है।