आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने शुरू किया भीख मांगो अभियान 

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने शुरू किया भीख मांगो अभियान 

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने भीख मांगो अभियान शुरू कर दिया है। सर्दी के कपड़े और जरूरत के समान के लिए जैश ए मोहम्मद ने चंदा मांगो अभियान शुरू कर दिया है।

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने शुरू किया भीख मांगो अभियान

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने भारत में फिदायिन स्क्वाड पकड़ने के बाद एक बार फिर से चंदा अभियान शुरू कर दिया है। चंदा करने के लिए जैश ए मोहम्मद ने अब ऑनलाइन तरीका अपनाया है।

जैश ए मोहम्मद क्यों मांग रहा है चंदा? 

जैश ए मोहम्मद को चंदा मांगने की जरूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि अभी मई में ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के बहावलपुर में इसके हेड क्वार्टर को नष्ट कर दिया है।जैश ए मोहम्मद का आतंकी इतिहास बहुत पुराना है 2001 के संसद हमले से लेकर 2019 के पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट में जैश ए मोहम्मद का हाथ था। इसके अतिरिक्त भी कई आतंकवादी हमलों में जैश ए मोहम्मद शामिल रहा है। अब लगभग 3 महीने बाद दोबारा से यह नेटवर्क खुद को फाइनेंशली सपोर्ट करवाने के लिए चंदा मांग रहा है। जैश ए मोहम्मद की चंदा मांगने का उद्देश्य पैसा जुटाना भर्ती और ट्रेनिंग करवाना और नए आतंकी कैंप स्थापित करना है। जैश ए मोहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर है। इन सभी आतंकी कार्यवाही का उद्देश्य उनके अनुसार धरती को जन्नत में बदलना है।

जैश ए मोहम्मद का आतंकी बेस कैंप पाकिस्तान के बहावलपुर में है

जैश ए मोहम्मद का आतंकी बेस कैंप 1000 किलोमीटर के दायरे में स्थित है और यह पाकिस्तान के बहावलपुर में है। यह केंद्र आतंकी गतिविधियों और विचारों का परिसर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से पहले यहां पर अजहर और उसके भाई मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और उसके परिवार के दूसरे सदस्य रहते थे। ऑपरेशन सिंदूर में इसकी इमारत को काफी नुकसान पहुंचा और परिवार के काफी सदस्य मारे गए थे। मसूद अजहर की बड़ी बहन, उसका पति, एक भतीजा, उसकी पत्नी, एक भतीजी और पूरे परिवार के पांच बच्चे मारे गए थे।जैश ए मोहम्मद के प्रमुख में दावाकर बताया था उसके परिवार के 10 सदस्य और चार सहयोगी इस हमले में मारे गए थे। मसूद अजहर को 2008 में आतंकवादी घोषित किया गया था। जैश ए मोहम्मद का प्रमुख पाकिस्तान में है लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इस्लामाबाद को उसके विषय में कोई जानकारी नहीं है।

जैश ए मोहम्मद ने शुरू किया है ऑनलाइन डोनेशन अभियान

जैश ए मोहम्मद ने ऑनलाइन डोनेशन अभियान के द्वारा भीख मांगने शुरू किया है यह अभियान जैशकैश ऐप से जुड़ा है। वह संगठन के सदस्यों को लोगों से चंदा लेने के लिए अपील कर रहा है साथ ही साथ लोगों को ट्रेनिंग भी दे रहा है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा चंदा इकट्टा कर सके।

क्या अपील की जा रही है लोगों से?

ऑनलाइन डोनेशन अभियान के द्वारा जैश ए मोहम्मद लोगों से ₹500 से 2 लाख पाकिस्तानी रुपए डोनेट करने की अपील कर रहा है ताकि पाकिस्तान में उसके कैंप में रह रहे आतंकियों को सर्दी से बचाया जा सके। 

जैश ए मोहम्मद आतंकी कैंप में कितने आतंकी हैं?

इस समय जैश ए मोहम्मद की आतंकी कैंप में 238 से अधिक आतंकी हैं। जिनका उद्देश्य 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का चंदा हासिल करना है। वह अपना प्रचार करते हुए कह रहे हैं कि जो लोग सर्दी की किट देंगे उन्हें भी जेहादी माना जाएगा सर्दी की किट में जूते, गद्दे, गर्म टेंट, जुराब, गर्म बर्तन शामिल है जिसकी कीमत लगभग ₹20,000 है।

जैश ए मोहम्मद द्वारा पहले भी चलाया जा चुका है यह अभियान 

जैश ए मोहम्मद द्वारा पहले भी 391 करोड़ रुपए का डोनेशन कैंप चलाया गया था। जिसका खुलासा भारत की सीक्रेट सर्विसेज ने किया था यह बताया जा रहा है कि FATF जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पाकिस्तान में चल रहे खुलेआम इस भीख रैकेट जैसे रैकेट्स को नजरअंदाज कर रही हैं।

उमर फारूक है इस समय इस अभियान का नेता

चंदा अभियान के लिए दिए गए नंबर की जांच करने पर पता चला है कि यह नंबर पाकिस्तान के उमर फारूक का है। उमर फारूक इस समय जैश ए मोहम्मद के नए हेडक्वार्टर मरकज उस्मान ओ अली में काम करता है।

 

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