प्रधानमंत्री कर रहे हैं दीये जलाने की बात , तो क्यों नहीं दे रहे कुछ अहम सवालों का जवाब

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प्रधानमंत्री कर रहे हैं दीये जलाने की बात , तो क्यों नहीं दे रहे कुछ अहम सवालों का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह एक वीडियो सन्देश के जरिये देश को 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट तक घर की लाइट बन्द करके  टॉर्च ,मोमबत्ती, दीया या मोबाइल की फ़्लैश लाइट जलाने का आह्वान किया था।

अब सवाल यह उठता है कि क्या मोमबत्ती जलाने से कोरोना वायरस का इलाज हो जाएगा ? या फिर मोमबत्ती जलाकर ये देखना चाहेंगे कि इलाज़ कहा खो गया है। मौजूदा समय मे प्रधानमंत्री मोदी को मोमबत्ती की बात छोड़कर कुछ ऐसे सवालो के जवाब देने चाहिए थे जो इस समय बहुत जरूरी है कि देश की जनता इन सवालों के जवाब से अवगत हो। परन्तु प्रधानमंत्री ने इस बार भी सन्देश में इन बातों पर कोई टिप्पणी नही की । ये कुछ सवाल इस प्रकार ही-

1.कोरोना वायरस के वैक्सीन बनाने का काम कहा तक पहुंचा ?

कोरोना वायरस ने अब भारत मे उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार इससे संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आम आदमी अपने घरों में कैद होकर रह गया है। इसलिए मोदी सरकार इस चीज के लिए बाध्य है कि वो देश की जनता को बताए कि वैक्सीन बनने का काम कहा तक हुआ है। या वैक्सीन कब तक मरीजो के इलाज के लिए उपलब्ध हो सकेगी।

2.मेडिकल स्टाफ के लिए कितनी हैं सुरक्षा किट ?

कोरोना वायरस के खिलाफ तमाम मेडिकल स्टाफ अपनी जान की परवाह किये बिना दिन रात काम कर रहा है। इसलिए उनके इस वायरस से संक्रमित होने का खतरा और भी बढ़ जाता है। इसलिए प्रधानमंत्री को यह बात सार्वजनिक करनी चाहिए कि वो हमारे सुरक्षा योद्धाओं के की सुरक्षा के लिए क्या कर रही यही ? या उनके सुरक्षा इन्तजामो के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?

3.कोरोना वायरस की जांच में इतनी देरी क्यो ?

हमारे देश में कोरोना वायरस की जांच की रिपोर्ट बहुत देरी से आती है। जबकि इन हालातों में जांच की रिपोर्ट कुछ ही समय मे आ जानी चाहिए । अभी कुछ दिन पहले पुणे की एक लैब ने दावा किया था कि उन्होंने जल्दी परिणाम देने वाली किट तैयार कर ली है । तो अब सरकार पर सवाल ये उठता है कि उन्होंने इस प्रकार की मशीनों को अस्पतालों के लिए उपलब्ध क्यो नही करवाया ?  जबकि अन्य देशों में कोरोना की जांच की रिपोर्ट कुछ ही समय मे आ जाती है । फिर भारत मे ये लापरवाही क्यो बरती जा रही है ?

4.लॉक डाउन के अलावा सरकार के पास क्या उपाय है?

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सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश मे 21 दिनों का लॉक डाउन घोषित कर रखा है। जिसमे कोई भी व्यक्ति बिना किसी जरूरी काम के बाहर नही घूम सकता है अन्यथा पुलिस कार्यवाही की जा रही है। अगर लॉक डाउन कोरोना वायरस के लिए कारगर साबित नही होता है तो सरकार ने आगे की क्या रणनिति बना रखी है ? इस सवाल का जवाब जनता को मिलना चाहिए सरकार से।

5. कैसे पहुंचेगी गरीबो तक सरकारी मदद ?

कोरोना वायरस की वजह से पूरे भारत मे लॉक डाउन है। जिसकी वजह से सभी का कारोबार ठप पड़ा हुआ है। इसलिए सरकार ने गरीबो की मदद के लिए ईमरजेंसी पैकेज की घोषणा की थी ।जिन लोगों के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया है उनमें से आज भी कई ऐसे हैं जिनका रजिस्ट्रेशन किसी भी सरकारी योजना में नहीं है। ऐसे लोगों के लिए क्या योजना है। ग्राम प्रधान स्तर पर जो भ्रष्टाचार और भेदभाव होता है इस दौर में इसकी सबसे बड़ी मार गरीब तबके पर ही पड़ेगी। क्या सरकार ने इसको लेकर कोई समीक्षा की है।

ऐसे कुछ सवाल है जिनका जवाब सरकार देने के लिए उत्तरदायी है परंतु देश के प्रधानमंत्री जब भी देश के नाम सन्देश देते है । तो इन बातों का कोई जिक्र नही होता । अगर जिक्र होता है तो सिर्फ उन बातों का जैसे आप शाम 5 बजे 5 मिनट तक थाली बजाए , रात 9 बजे 9 मिनट तक लाइट बन्द करके मोमबत्ती जलाये ।

 

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